अशोकनगर जिले के शाढ़ौरा थाना क्षेत्र में एक झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के बाद 7 वर्षीय बालक की मौत हो गई थी। पुलिस ने आरोपी फर्जी डॉक्टर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना कुछ महीने पहले की है। फरियादिया ललिता बाई (28), पति चंद्रभान आदिवासी, निवासी इंदिरा कॉलोनी शाढ़ौरा ने पुलिस को बताया कि उनके बेटे विशाल आदिवासी (7) को उल्टी-दस्त की शिकायत थी। 26 सितंबर को सुबह लगभग 9 बजे उसे कटरा मोहल्ला स्थित प्रदीप बुनकर की दुकान पर इलाज के लिए ले जाया गया। आरोपी ने खुद को डॉक्टर बताकर बच्चे को इंजेक्शन और दवाइयां दीं। घर आकर बिगड़ी हालत
इलाज के बाद बालक की तबीयत घर लौटने पर अचानक बिगड़ गई। परिजन उसे दोबारा आरोपी के पास ले गए, जिसने बच्चे को सरकारी अस्पताल ले जाने की सलाह दी। दोपहर लगभग 1 बजे शाढ़ौरा सरकारी अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बालक को मृत घोषित कर दिया। 12वीं पास है फर्जी डॉक्टर
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी प्रदीप बुनकर कोई पंजीकृत डॉक्टर नहीं है। वह केवल 12वीं पास है और उसके पास इलाज से संबंधित कोई वैध डिग्री या लाइसेंस नहीं है। जांच के अनुसार, लापरवाहीपूर्वक इलाज के कारण ही बालक की मौत हुई। पुलिस ने मामले में जांच पूरी करने के बाद आरोपी प्रदीप बुनकर के खिलाफ सोमवार देर रात धारा 105 बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।


