जालोर के चितलवाना में ग्रामीणों ने 200 ट्रैक्टर के साथ उपखंड कार्यालय का घेराव किया। ग्रामीणों ने झाब पंचायत समिति का मुख्यालय बदलने के विरोध में जमकर नारेबाजी की। ग्रामीणों ने कहा कि वे 14 दिन से प्रदर्शन कर रहे हैं। विधायक झाब से पंचायत समिति हटवाकर अपने क्षेत्र भादरूणा ले गए हैं। जब तक पंचायत समिति का मुख्यालय भादरूणा से हटाकर झाब नहीं किया जाता तब तक प्रदर्शन जारी रहेगा। इसी दौरान एक ज्ञापन एसडीएम को भी सौंपा है। इससे पहले ग्रामीण झाब में इकट्ठा हुए। यहां से ट्रैक्टर-ट्रॉली में बैठकर चितलवाना रवाना हुए। पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिए उपखंड कार्यालय का मुख्य गेट बंद करने का प्रयास किया। लेकिन ग्रामीणों के विरोध के बाद पुलिस पीछे हट गई। सबसे पहले देखिए प्रदर्शन के PHOTOS… मुख्यालय बदलना क्षेत्र के लोगों के साथ विश्वासघात-ग्रामीण ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया- पहले पंचायत समिति घोषित कर बाद में उसका मुख्यालय बदलना क्षेत्र की जनता के साथ विश्वासघात है। इससे झाब क्षेत्र के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। उन्हें प्रशासनिक कार्यों के लिए अनावश्यक दूरी तय करनी पड़ेगी। विधायक पंचायत समिति अपने घर ले गए-ग्रामीण ग्रामीण काछबा राम ने बताया-पहले झाब को पंचायत समिति बनाया गया था। सरकार ने ये निर्णय सभी मापदंडों को ध्यान में रखते हुए लिया गया था। पता नहीं फिर क्या घुसपैठ हुई। निर्दलीय विधायक जीवाराम जी ने झाब से पंचायत समिति हटाकर भादरूणा कर दिया। हमने जीवाराम जी को समर्थन दिया था, लेकिन वे पंचायत समिति हटाकर अपने घर ले गए। झाब को वापस मुख्यालय बनाने के लिए हमने ये प्रदर्शन किया है। आज हमने ट्रैक्टर रैली निकाली है। अगर सरकार हमारी बात नहीं सुनती है तो ये आंदोलन और उग्र हो सकता है। बता दें, विधायक जीवाराम भादरूणा के ही रहने वाले है। पूर्व मंत्री सुखराम बिश्नोई भी पहुंचे पूर्व मंत्री सुखराम बिश्नोई ने कहा कि पंचायत समिति का मुख्यालय बदलना झाब क्षेत्र के लोगों के साथ अन्याय है। बिश्नोई ने ग्रामीणों से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन जारी रखने की अपील करते हुए आश्वासन दिया कि उनकी मांग को सरकार तक मजबूती से पहुंचाया जाएगा। पंचायत समितियों के पुनर्गठन में पहले झाब बाद में भादरूणा को बनाया मुख्यालय पंचायत समितियों के पुनर्गठन के दौरान पहले झाब को पंचायत समिति का दर्जा दिया गया था। बाद में इसका मुख्यालय बदलकर भादरूणा कर दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि झाब कस्बा बड़ा है और नेशनल हाईवे के साथ-साथ बागोड़ा और भीनमाल जैसे कस्बों से सीधा जुड़ा हुआ है। फैसला सरकार स्तर का-एसडीएम मामले में चितलवाना एसडीएम देशला राम ने कहा-पहले झाब को पंचायत समिति बनाया गया था। उसके बाद संशोधन में झाब की जगह भादरूणा को पंचायत समिति घोषित कर दिया। यह सरकार स्तर का फैसला है। वहीं विधायक जीवाराम से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया।


