कोरिया आबकारी अमले ने फुलपुर में गांव के बाहर जंगल में बने मकान में अवैध शराब बनाने की फैक्ट्री में छापा मारा। यहां बड़े पैमाने पर अवैध महुआ शराब बनाने का सामान एवं 150 लीटर तैयार महुआ शराब जब्त की गई है। तस्करों द्वारा प्रतिदिन 200 लीटर से अधिक महुआ शराब बनाकर सप्लाई की जा रही थी। मामला चरचा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, फूलपुर ग्राम पंचायत के कुख्यात महुआ शराब माफिया राकेश उरांव द्वारा बड़े पैमाने पर अवैध शराब की सप्लाई करने की सूचना आबकारी विभाग को मिली थी। जिला आबकारी अधिकारी रमेश अग्रवाल ने आबकारी अमले को कार्रवाई के निर्देश दिए। मंगलवार को फुलपुर में राकेश उरांव के घर दबिश दी। जंगल के बीच बने घर में अवैध शराब फैक्ट्री
आबकारी अमले को जानकारी मिली कि राकेश उरांव के द्वारा जंगल के बीच एक मकान बनाया गया है, जहां से शराब की तस्करी की जाती है। आबकारी टीम वहां पहुंची तो घर के बड़े हाल में अवैध डिस्टलरी संचालित मिली। मकान के अंदर लगभग 10 मीटर लंबी कोयले से जलती भट्टी में एक कतार में दर्जनों मटके चढ़े थे। कई ड्रमों में लाहन भरा हुआ था और भारी मात्रा में गुड़ की पेटियां शराब निर्माण के लिए रखी गई थीं। यहां प्रतिदिन 200 लीटर से अधिक अवैध शराब बनाए जाने का अनुमान है। मुख्य आरोपी फरार, शराब बनाने का सामान जब्त
आबकारी अमले के छापेमारी के दौरान मुख्य आरोपी राकेश उरांव नहीं मिला। मौके से आबकारी अमले ने 150 लीटर महुआ शराब, 3200 किलो लाहन, 8 चढ़ी भट्टियां एवं भरी संख्या में शराब बनाने हेतु उपयोग में ले जा रहे बर्तन जब्त किए हैं। आबकारी अमले ने राकेश उरांव की पत्नी रामवती सहित अन्य सहयोगी अरविंद एवं अर्जुन को गिरफ्तार किया है। उनके विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(1)(क), च (2) एवं 59 क के तहत कार्रवाई की गई। चरचा एवं आसपास के इलाकों में सप्लाई होती थी शराब
पूछताछ में पता चला कि राकेश उरांव द्वारा प्रतिदिन शराब बनाकर पाउच में पैकिंग कर चरचा एवं आसपास के इलाकों में सप्लाई की जाती थी। इस इलाके में बड़ी संख्या में कालरी श्रमिक रहते हैं। श्रमिक कालोनियों तक भी अवैध शराब भेजी जाती थी। कोरिया जिला आबकारी अधिकारी रमेश अग्रवाल ने कहा कि अवैध शराब पर रोक लगाने के लिए विभाग प्रतिबद्ध है। उन्होंने नागरिकों से अवैध शराब की सूचना देने की अपील की है।
कार्रवाई में आबकारी निरीक्षक सपना सिन्हा, उपनिरीक्षक रामस्नेही सहित आरक्षक एवं महिला आरक्षक शामिल रहे।


