रांची को राजधानी के रूप में विकसित करने के लिए नगर निगम ने विशेष पहल की है। निगम द्वारा पहली बार दस प्रमुख सड़कों की देखरेख के लिए 10 टीम बनाई गई है। निगम प्रशासक सुशांत गौरव ने 10 डेडिकेटेड मैनेजमेंट टीम बनाई है। टीम का नोडल पदाधिकारी सहायक अभियंता को बनाया गया है, जो संबंधित सड़क की अव्यवस्था के लिए जवाबदेह होंगे। हर सप्ताह उन्हें अपने जोन की सड़क का निरीक्षण कर रिपोर्ट बनानी होगी, जिसकी समीक्षा होगी। सड़क में किसी तरह का गड्ढा होता है या दरार पड़ जाती है तो 24 घंटे में इसकी मरम्मत कराई जाएगी। रोड मार्किंग, जेब्रा क्रासिंग, नालियों की सफाई, अतिक्रमण हटाने और लेफ्ट फ्री लेन बनाने की जवाबदेही इसी टीम की होगी। अवैध पानी कनेक्शन व होर्डिंग की जांच, सार्वजनिक शौचालय की सफाई भी इसी टीम के जिम्मे होगी। वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है इन प्रमुख सड़कों की बदलेगी सूरत नगर निगम ने उन दस सड़कों का चयन किया है, जिन पर वीआईपी मूवमेंट या ट्रैफिक मूवमेंट अधिक है। कचहरी चौक से राजेन्द्र चौक, अल्बर्ट एक्का चौक से सुजाता चौक। राजेन्द्र चौक से बिरसा चौक, कचहरी चौक से पिस्का मोड़, न्यू मार्केट चौक से अरगोड़ा चौक, न्यू मार्केट चौक से कांके हॉस्पिटल रोड, कचहरी चौक से बूटी मोड़ वाया रेडियम रोड समेत 10 सड़कों की निगरानी टीम करेगी। अतिक्रमण हटाने की भी जिम्मेदारी टीम को जिस जोन की सड़क की जवाबदेही मिलेगी, उसकी सतह की निगरानी, अतिक्रमण हटाने और डिवाइडर की सफाई, लेफ्ट फ्री लेन बनाने की जिम्मेदारी होगी। सड़क में कहीं पर गड्ढा होता है या परत उखड़ जाती है तो इसकी मरम्मत टीम कराएगी। सड़क पर जल जमाव दूर करने, नालियों की सफाई, मेन होल के ढक्कन की मरम्मत, पानी पाइप में लीकेज ठीक कराने की जिम्मेदारी टीम की होगी। हरियाली बढ़ाने और फूड जोन विकसित करने पर होगा जोर हर टीम को अपने क्षेत्र में खाली पड़े स्थानों पर हरियाली बढ़ाने, डिवाइडर में पौधारोपण, फूड जोन विकसित करने, सड़क किनारे पानी, बिजली और रोशनी की व्यवस्था करने, महिला, वरिष्ठ नागरिक और दिव्यांग के अनुकूल सुविधाएं देने की योजना बनाएगी। नो पार्किंग जोन व नो वेंडिंग जोन का पालन कराने की जिम्मेदारी होगी। भास्कर एक्सपर्ट एसके सिंह, सेवानिवृत्त अभियंता टीम बनाना अच्छी पहल, धरातल पर काम चुनौतीपूर्ण नगर निगम द्वारा दस प्रमुख सड़कों को व्यवस्थित रखने के लिए डेडिकेटेड टीम बनाना अच्छी पहल है। लेकिन यह टीम धरातल पर कैसे काम करती है यह देखना होगा। क्योंकि, शहर में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं बनी है कि नोडल अधिकारी से ही विभिन्न विभाग अपने कार्यों के लिए एनआेसी मांगे। समन्वय का घोर अभाव है। इस वजह से सभी व्यवस्था को बेहतर बनाना काफी चुनौतीपूर्ण है।


