राज्य के वित्त रहित हाईस्कूल और इंटर कॉलेजों को अनुदान देने को लेकर चार-स्तरीय जांच का प्रावधान किया गया है। इसके विरोध में वित्त रहित संघर्ष मोर्चा आंदोलन चला रहा है। मोर्चा के कुंदन कुमार सिंह, रघुनाथ सिंह, फजलुल कदीर अहमद, हरिहर प्रसाद कुशवाहा, देवनाथ सिंह, मनीष कुमार, अरविंद सिंह, चंदेश्वर पाठक, गणेश महतो और मनोज तिर्की ने संयुक्त रूप से कहा कि नए प्रावधान से बेवजह परेशानी बढ़ गई है। इसके विरोध में वित्त रहित शैक्षणिक संस्थानों में 16 जनवरी को शैक्षणिक हड़ताल रहेगा। दावा किया कि राज्य के करीब 600 वित्त रहित संस्थानों में पठन-पाठन पूरी तरह ठप रहेगा। मोर्चा के अनुसार इस हड़ताल में राज्य के 195 इंटर कॉलेज, 300 उच्च विद्यालय, 46 मदरसा विद्यालय और 40 संस्कृत विद्यालय शामिल रहेंगे। शिक्षक और कर्मचारी अपने-अपने संस्थानों के गेट पर ताला लगाकर विरोध प्रदर्शन करेंगे और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। वित्त रहित शिक्षण संस्थानों के शिक्षक और मोर्चा ने कहा कि 14 जनवरी तक मकर संक्रांति और अन्य त्योहारों के कारण सभी स्कूल-कॉलेज बंद हैं। संस्थानों में ताले लगे हैं और न छात्र आ रहे हैं, न शिक्षक। ऐसे में छुट्टी के दिनों में स्थलीय जांच कराना अनुचित है। सभी संस्थानों ने भवन, भूमि, प्रयोगशाला और पुस्तकालय की जियो-टैग की गई फोटो और वीडियो पहले ही झारखंड एकेडमिक काउंसिल और जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में जमा कर दिए हैं।


