सूर्य आराधना का पर्व मकर संक्रांति इस बार कई शुभ योगों से युक्त रहेगा। सूर्यदेव का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी को होगा, लेकिन मिथिला पंचांग में 14 तो, काशी पंचांग, ऋषिकेश और महावीर पंचांग के अनुसार 15 जनवरी को संक्रांति का पुण्यकाल दोपहर तक रहेगा। शास्त्रों में उत्तरायण को देवताओं का दिन कहा गया है। भगवान भास्कर मकर राशि में 14 जनवरी, बुधवार को रात 9.19 बजे प्रवेश करेंगे। इसी के साथ सूर्य उत्तरायण हो जाएंगे और खरमास समाप्त हो जाएगा। मकर संक्रांति का यह शास्त्रोक्त नियम है कि प्रदोष काल के बाद रात्रि में किसी भी समय संक्रांति लगती है, तो उसका पुण्य काल दूसरे दिन होता है। इसलिए मकर संक्रांति गुरुवार को मनाई जाएगी। वहीं, इस बार 14 जनवरी को षटतिला एकादशी भी रहेगी और अमृत सिद्धि योग का भी संयोग रहेगा। व्यापारिक क्षेत्र के लिए लाभकारी और धन धान्य में तेजी आएगी। श्रीराम जानकी तपोवन मंदिर के महंत ओम प्रकाश शरण ने बताया कि पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि 13 जनवरी को दोपहर 3.17 बजे शुरू हो गई। 14 जनवरी को शाम 5.52 बजे तक रहेगी। वहीं, व्रत का पारणा 15 जनवरी को सुबह 7.15 से 9.21 बजे के बीच किया जा सकेगा। मंदिर के राजकुमार ने बताया कि मकर संक्रांति पर पहाड़ी बाबा का बुधवार को विशेष शृंगार होगा। इसके साथ ही सुबह के आरती पूजन के बाद 8 बजे चूड़ा, तिलकूट का भोग लगाया जाएगा। इस दौरान भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी। साईं मंदिर के संस्थापक रंजन पाठक ने बताया कि 15 जनवरी को मंदिर में सुबह 5 बजे से रात 9 बजे तक कई अनुष्ठान होंगे।जगन्नाथ मंदिर के प्रथम सेवक ठाकुर सुधांशु नाथ साहदेव ने बताया कि 15 को मकर संक्रांति पर गंज भोग लगाया जाएगा।


