जीएसटी की कार्रवाई:लाइसेंस मीठी सुपारी का, प्रोडक्ट तंबाकू वाले, ‘सितार’ के मालिक पर 317 करोड़ रुपए का जुर्माना

राज्य जीएसटी की टीम ने दुर्ग के गुटखा किंग गुरमुख जुमनानी पर 317 करोड़ की पैनल्टी लगाई है। जुमनानी बीते 5 वर्षों से सितार नाम का गुटखा बनाकर पूरे राज्य में बेच रहे थे। सितार तंबाखू युक्त गुटखा है, जो पूरी तरह से प्रतिबंधित और अवैध है। इस वजह से विभाग ने पांच वर्षों की गणना करके टैक्स और पैनल्टी की राशि तय की है। इसके पहले विभाग ने पूरी जांच की है। इसमें पता चला है कि गुटखा का फॉर्मूला तैयार करने के लिए गुटखा किंग ने एक कर्मचारी रखा था, जिसे छिंदवाड़ा (म.प्र) से बुलाया गया था। जानकारी के मुताबिक गुरमुख के जोरातरई और गनियारी ​स्थित फैक्ट्री पर जुलाई 2025 में जीएसटी विभाग ने छापा मारा था। तब पता चला कि दोनों फैक्ट्री में सिर्फ पैकिंग होती है। गुटखे का रॉ मटेरियल उसके बेटे सागर की राजनांदगांव स्थित कोमल फूड नाम की फैक्ट्री में तैयार ​किया जाता है। बाद में टीम ने उस फैक्ट्री में छानबीन की। पता चला कि जो मजदूर गनियारी और जोरातरई में काम करते मिले थे, वही कोमल फूड में मिले। मजदूरों की सप्लाई छिंदवाड़ा का लेबर कॉन्ट्रेक्टर बबलू करता था। गुटख रात 10 से सुबह 7 बजे बनाया जाता था। गुरमुख के बेटे की फैक्ट्री सरकारी दस्तावेजों में मीठी सुपारी बनाने के लिए रजिस्टर्ड है।। गुटखे का रॉ मटेरियल बेटे की फैक्ट्री में तैयार होता था। इसके बाद दूसरे स्थान पर मशीन से पैकिंग की जाती थी। वर्ष 2021 से 2025 के बीच रायपुर, राजनांदगांव व दुर्ग में किराए से गोदाम लेकर गुटखे के कारोबार संचालित किया गया। 5 वर्षों से चल रहा था कारोबार जीएसटी विभाग के अधिका​री ने बताया गुटखे का पूरा धंधा प्लानिंग के तहत था। गोदाम के लिए गुरमुख के पिता लोगों से रेंट एग्रीमेंट करते थे। इसी स्थान पर गुटखे की पैकिंग होती थी। इसके बाद बोरे में भरकर गुटखा दुकानों तक सप्लाई किया जाता था। जांच में टीम ने कई पुराने एग्रीमेंट से जुड़े दस्तावेज भी जब्त किए हैं। गुरमुख के सितार गुटखे की कीमत बाजार में 2 रुपए थी। गुटखे का फॉर्मूला बनाने वाले दीपक पांडे ने बताया कि 1 मिनट में 250 गुटखे के पैकेट मशीन से तैयार किए जाते थे। एक दिन में 50 बोरा गुटखा मार्केट में खपाया जाता था। महीने में सिर्फ 18 दिन ही मजदूर काम करते थे। पुलिस-खाद्य विभाग से सूचना लीक वर्ष 2023 में मोहन नगर पुलिस ने गुरमुख और उसके रिश्तेदार जगदीश को एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार किया था। बीते सौ दिनों से गुरमुख जेल में बंद है। सेशन कोर्ट से उसकी जमानत खारिज हो चुकी है। सोमवार को हाईकोर्ट में जमानत पर सुनवाई थी। लेकिन बाद में सुनवाई फरवरी महीने तक के लिए टल गई है। अधिकारियों के मुताबिक गुरमुख छापे की कार्रवाई के बाद फरार हो गया था। फरारी के दौरान खाद्य विभाग और पुलिस से माध्यम से उसे विभाग से जुड़ी जानकारी लगातार मिल रही थी। इस वजह से उसे पकड़ने में करीब दो महीने लग गए थे। फैक्ट्री सील थी, पर टीन शेड तोड़ मशीन-सामान निकाला गया ये भी पता चला है कि जीएसटी विभाग की कार्रवाई के बाद गुटखा की फैक्ट्री पर खाद्य विभाग ने भी कार्रवाई कर बाहर से सील कर दिया था। लेकिन बाद में गुटखा किंग ने टीन शेड तोड़कर मशीन और बाकी सामान निकाल लिया। पता चला है कि गुटखा किंग दो पार्टनर के साथ मिलकर दुर्ग में शराब का बॉ​टलिंग प्लांट भी शुरू करने वाला है। महादेव सट्टा: रवि उप्पल समेत 8 लोगों की 21.45 करोड़ की संपत्ति अटैच, अब तक 175 से ज्यादा ठिकानों पर छापे महादेव सट्‌टा मामले में ईडी ने प्रमोटर रवि उप्पल समेत 8 लोगों की करीब 21.45 करोड़ की चल-अचल संपत्तियां अटैच कर ली हैं। रायपुर जोनल ऑफिस ने मंगलवार को यह प्रोविजनल अटैचमेंट ऑर्डर जारी किया। संपत्तियों में 98.55 लाख की चल और 27 अचल संपत्तियां शामिल हैं। इनमें भारत और दुबई में स्थित मकान, दुकानें, कृषि भूमि शामिल हैं। ईडी अब तक इस मामले में 175 से ज्यादा ठिकानों पर छापे मार चुकी है। 2,621 करोड़ की संपत्तियां जब्त, फ्रीज या अटैच की जा चुकी हैं। 13 लोग गिरफ्तार किए गए और 74 संस्थाओं को आरोपी बनाते हुए पांच अभियोजन शिकायतें दाखिल की गई हैं। ऐसे चलता था सट्टा नेटवर्क: ईडी की जांच में सामने आया कि छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल में दर्ज कई एफआईआर के आधार पर यह बड़ा बेटिंग सिंडिकेट उजागर हुआ। टाइगर एक्सचेंज, गोल्ड365, लेजर247 जैसे डोमेन के जरिए अवैध सट्टा चलाया जाता था। फ्रेंचाइजी मॉडल पर पैनल/ब्रांच बनाए गए थे, जबकि मुख्य प्रमोटर सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल दुबई से पूरा नेटवर्क संभाल रहे थे। जांच में खुलासा हुआ कि कुल मुनाफे का 70–75% प्रमोटरों के पास जाता था, बाकी पैनल ऑपरेटर रखते थे। अवैध कमाई (पीओसी) को हजारों डमी बैंक खातों के जरिए घुमाया गया, जो आम लोगों के केवाईसी पर खोले गए थे। अटैच संपत्तियों में सबसे ज्यादा रवि उप्पल की

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