वन्यजीव संरक्षण और पर्यटन दोनों को मिलेगा बढ़ावा:सज्जनगढ़ बायोपार्क से नए साल में खुश खबर, दो भेड़ियों ने 12 शावकों को जन्म दिया, कुनबा बढ़कर 33

नए साल में सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क से वन्यजीव प्रेमियों और पर्यटकों के लिए खुश खबर आई है। पार्क में हाल ही दो मादा भेड़ियों ने 12 शावकों को जन्म दिया है। अब यहां भेड़ियों की संख्या 21 से बढ़कर 33 हो गई है। भेड़िया वर्तमान में संकटापन्न श्रेणी में है। आवास नष्ट होने व मानव-वन्यजीव संघर्ष के कारण इनकी देशभर में संख्या तेजी से घट रही है। ऐसे में बायो पार्क में एकसाथ 12 भेड़ियों का जन्म इनके संरक्षण की दिशा में बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। भेड़िया एक स्वस्थ ईको-सिस्टम का संकेतक प्राणी है। अमेरिका के येलोस्टोन नेशनल पार्क में भेड़ियों के पुनर्वास से पूरे पारिस्थितिकी तंत्र में संतुलन लौटा था। देश के ग्रामीण क्षेत्रों में भेड़िये को जहर देकर, फंदा लगाकर भेड़ियों को मारने की घटनाएं भी सामने आती रहती हैं। क्योंकि, भेड़िये बकरी, गाय के बछ़डे आदि का शिकार कर देते हैं। भेड़ियों के प्रजनन के अनुकूल केंद्र के रूप में उभरा बायो पाक
राजस्थान में भी कभी कुंभलगढ़ अभयारण्य भेड़ियों के लिए जाना जाता था, लेकिन बीते दशकों में इनकी संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई। ऐसे में बायो पार्क इनके प्रजनन के लिए अनुकूल केंद्र के रूप में उभरकर सामने आया है। भेड़ियों के कुनबे में हुई यह वृद्धि न केवल पार्क की जैव विविधता को समृद्ध करेगी, बल्कि वन्यजीव पर्यटन को भी नया आयाम देगी। इससे आने वाले समय में बायो पार्क की पहचान भेड़िया संरक्षण के एक सफल मॉडल के रूप में और मजबूत होने की उम्मीद है।

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