मंगलवार को कलेक्ट्रेट जनसुनवाई में 145 आवेदन पहुंचे। इसमें टीचर की मारपीट के डर से छात्र के भागने, एक्सीडेंट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिलने जैसे मामले प्रमुख रहे। इधर, फरहत अफजा वार्ड- 41 के रहवासियों ने कलेक्टर को शिकायत देकर 10 साल से लंबित मुख्य सड़क के निर्माण को लेकर प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाया। 12 दिसंबर को भाग छात्र … बैरसिया के कढैया कोटा गांव की रहने वाली सीमा गुर्जर ने बताया कि उसका भाई अंकित गुर्जर 9वीं कक्षा का छात्र है। नवोदय विद्यालय रातीबड़ में पढ़ता है। टीचर द्वारा उसके साथ मारपीट की जाती थी। जिसके डर से वो 12 दिसंबर 2025 को स्कूल से भाग गया था। अंकित 9 दिन बाद उज्जैन में मिला है। लेकिन प्रिंसिपल ने अंकित को स्कूल से निकाल दिया। सीमा की मांग है कि भाई को वापस रख लिया जाए। 14 महीने बाद भी नहीं दी पोस्टमार्टम रिपोर्ट- बैरसिया के रहने वाले रामस्वारूप ने कलेक्ट्रेट में अपना आवेदन दिया। उनका कहना है कि बैरसिया सिविल अस्पताल में इलाज के दौरान 9 नवंबर 2024 को उनके बेटे की मौत हो गई थी। 14 महीने बीतने के बाद भी अस्पताल द्वारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं दी जा रही है। अस्पताल से संपर्क करने पर उनके द्वारा मौत का सही कारण भी नहीं बताया जा रहा है। एक्सीडेंट मामले में कलेक्टर को दिया आवेदन : 21 दिन पहले स्कूल बस एक्सीडेंट मामले में छात्रों के परिजनों ने कलेक्ट्रेट में आवेदन दिया। उनका कहना है कि बस का बीमा नहीं था। साथ ही बस चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं था। उनका इलाज जारी है। उनकी मांग है कि स्कूल का संचालन बंद किया जाना चाहिए।


