भीलवाड़ा में एक शिक्षक (लेक्चरर) के ट्रांसफर से नाराज बच्चे धरने पर बैठ गए। 8 डिग्री तापमान के बीच स्टूडेंट ने पूरी रात धरना स्थल पर गुजारी। बच्चों का धरना मंगलवार को भी जारी है। धरने पर बैठी कुछ बच्चियां फूट-फूटकर रोने लगीं। मामला नंदराय कस्बे के राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक स्कूल का है। यहां कार्यरत भूगोल के लेक्चरर शंकरलाल जाट का 11 जनवरी को ट्रांसफर कर दिया गया था। इससे नाराज छात्र सोमवार शाम 4 बजे धरने पर बैठ गए। जब कोई सुनवाई करने नहीं पहुंचा तो रात में उन्होंने वहीं पर खाना खाया। इसके बाद स्कूल के बाहर ही टेंट और बिस्तर लगाकर सो गए। सुबह स्कूल के अन्य छात्र-छात्राएं भी प्रदर्शन में शामिल हो गए। पेरेंट्स और ग्रामीणों ने भी उनका साथ दिया। आज जब छात्राएं रोने लगीं तो उनमें से एक बच्ची रोते हुए बार-बार कह रही थी कि हमारे साथ ही ऐसा क्यों होता है? खास बात यह है कि शंकरलाल ने साल 2025 में बोर्ड एग्जाम में 90% से ज्यादा अंक लाने वाले 5 स्टूडेंट को जयपुर से दिल्ली की हवाई यात्रा कराई थी। इसका खर्च खुद शंकरलाल ने उठाया था। स्टूडेंट्स के प्रदर्शन की PHOTOS… स्कूल के लगाया ताला, धरने पर बैठे स्टूडेंट्स
स्कूल में करीब 600 स्टूडेंट्स हैं। मंगलवार सुबह बड़ी संख्या में दूसरे छात्र और छात्राएं भी वहां पहुंच गए। स्कूल के ताला लगाकर स्टूडेंट्स धरने पर बैठे गए। सुबह का नाश्ता और लंच भी स्कूल के बाहर किया। इससे पहले, सोमवार शाम जब स्थानीय लोगों को बच्चों के धरने की जानकारी मिली तो उनके लिए खाना और बिस्तर की व्यवस्था भी की। बच्चे बोले- ट्रांसफर निरस्त होने पर ही खत्म होगा आंदोलन
स्टूडेंट्स ने कहा कि वे सोमवार से धरने पर बैठे हैं, लेकिन कोई सुनवाई करने नहीं आया। रात भी वहीं गुजारी। जब तक लेक्चरर का ट्रांसफर निरस्त नहीं होता, आंदोलन खत्म नहीं होगा। छात्रों ने चेतावनी दी है कि अगर जरूरत पड़ी तो आमरण अनशन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। पेरेंट्स की तरह करते हैं मार्गदर्शन
धरने पर बैठे छात्र अनिल अहीर ने बताया कि व्याख्याता शंकरलाल जाट सिर्फ टीचर ही नहीं, बल्कि पेरेंट्स की तरह मार्गदर्शन करने वाले हैं। लेक्चरर ने पिछले सत्र में बोर्ड परीक्षाओं में 90% से ज्यादा मार्क्स लाने वाले 5 स्टूडेंट को अपने खर्चे पर हवाई यात्रा करवाई थी। स्कूल भवन की जर्जर स्थिति सुधारने के लिए अपने स्तर पर भामाशाहों से संपर्क कर मरम्मत भी करवाई थी। शंकरलाल जाट सात साल से इसी स्कूल में पोस्टेड हैं। अधिकारी बोले- बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास
ब्लॉक शिक्षा अधिकारी कोटडी अशोक पारीक ने बताया- ग्रामीणों से बातचीत की गई है। उन्हें समझाने का प्रयास किया गया है। तबादला विभाग की प्रक्रिया है, लेकिन ग्रामीण फिलहाल धरने पर हैं। समय देने को भी तैयार नहीं हैं।बातचीत कर समाधान निकलने का प्रयास कर रहे हैं। ……… यह खबर भी पढ़ें… सरकारी स्कूल का 50 फीट लंबा बरामदा गिरा:सर्दी के कारण ग्राउंड में धूप में बैठे थे बच्चे, 15 मिनट पहले ही निकले थे बूंदी में सरकारी स्कूल के बरामदे की करीब 50 फीट लंबी छत अचानक गिर गई। गनीमत रही कि उस समय वहां कोई स्टूडेंट बैठा हुआ नहीं था। बच्चे वहां से करीब 50 फीट दूर धूप में बैठकर पढ़ रहे थे। (पूरी खबर पढ़ें)


