चित्तौड़गढ़ जिले के सुरजना गांव में सेंट्रल ब्यूरो ऑफ नारकोटिक्स (CBN) की टीम ने नशे के खिलाफ एक कार्रवाई को अंजाम दिया है। नारकोटिक्स डिवीजन-3 ने डिवीजन-1, डिवीजन-2 और निवारक दल के साथ मिलकर एक गुप्त ड्रग लैब पर छापा मारा। यह लैब गांव से दूर एक सुनसान इलाके में बने एक मकान और बाड़े में संचालित की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से 107 ग्राम एमडी पाउडर, 3.961 किलोग्राम एमडी क्रूड, 1.826 किलोग्राम अल्प्राजोलम पाउडर बरामद किया। इस तरह कुल 5.894 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए गए। इसके साथ ही ड्रग बनाने में इस्तेमाल किए जा रहे करीब 200 किलोग्राम केमिकल, हाईटेक इक्विपमेंट्स और बाइक भी जब्त किए गए हैं। गांव से दूर चला रखी थी लैब CBN की चित्तौड़गढ़ इकाई को पहले से ही मुखबिर के जरिए सूचना मिली थी कि सुरजना गांव से दूर एक अवैध साइकोट्रॉपिक ड्रग बनाने की हाईटेक लैब चल रही है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए टीम ने पूरी योजना बनाकर मौके पर दबिश दी। जब टीम वहां पहुंची तो परिसर में संदिग्ध गतिविधियां पाई गईं। तलाशी के दौरान साफ हुआ कि यहां मेफेड्रोन (एमडी) और अल्प्राजोलम जैसे खतरनाक नशीले पदार्थ तैयार किए जा रहे थे। यह पूरा काम बेहद गोपनीय तरीके से किया जा रहा था ताकि किसी को भनक न लगे। मौके से एक आरोपी गिरफ्तार छापेमारी के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति को मौके से हिरासत में लिया गया, जिसे बाद में गिरफ्तार कर लिया गया। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया कि जब्त किया गया मेफेड्रोन इसी परिसर में तैयार किया जा रहा था। आरोपी यह अवैध काम अपने एक साथी के साथ मिलकर कर रहा था, जिसने इस लैब को स्थापित किया था। इसके अलावा नशीले पदार्थों की तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक बाइक भी जब्त की गई है। आरोपी के साथी की भी तलाश की जा रही हैं। आरोपी के खिलाफ NDPS अधिनियम 1985 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। तस्करी नेटवर्क की जांच जारी CBN अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई केवल शुरुआत है। अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि ड्रग बनाने के लिए कच्चा माल कहां से आता था, इसमें कितना पैसा लगा, और तैयार माल को किन-किन जगहों पर सप्लाई किया जाता था। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में लाई जा रही है, ताकि पूरे गिरोह को पकड़ा जा सके।


