2028 सिंहस्थ कुंभ के लिए बनाए जा रहे नए घाट निर्माण के बाद उनका नामकरण किए जाने के निर्देश मंगलवार को हुई बैठक में किया जाएगा। सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह ने दिए हैं। सिंहस्थ मेला अधिकारी आशीष सिंह ने मंगलवार दोपहर सिंहस्थ मेला कार्यालय के सभागृह में सिंहस्थ 2028 के लिए किए जा रहे विकास के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान मेला अधिकारी सिंह ने सभी निर्माणाधीन कार्यों की प्रोग्रेस रिपोर्ट अपडेट रखने के निर्देश दिए हैं। बैठक में कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, विशेष कर्तव्यस्थ अधिकारी गोपाल डाड, जिला पंचायत सीईओ श्रेयांस कूमट एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। नामकरण के लिए पौराणिक महत्व हो
जल संसाधन विभाग के सिंहस्थ डिवीजन ने जानकारी दी कि घाट निर्माण का कार्य लोअर और अपर स्टेज पर है। वहीं जानकारी दी गई कि श्री अंगारेश्वर मंदिर के सामने घाट निर्माण का कार्य पूर्ण हो चुका है। मेला अधिकारी सिंह ने निर्देश दिए कि जो भी नए घाट निर्माण हो रहे हैं उनके नाम रखने के लिए प्लानिंग की जाए।
नए घाटों के नामकरण के लिए उनके पौराणिक महत्व के आधार पर हो। धार्मिक व धर्मस्व विभाग को सभी घाटों के महत्व और पौराणिक नामकरण करने के लिए निर्देशित किया है। सिंह ने कहा कि नए घाट पर प्रकाश व्यवस्था, चेंजिग रूम, वॉच टावर, घाट पर सूचना के लिए लाउडस्पीकर, आने-जाने के मार्ग का निर्धारण किया जाए। प्लाट की नंबरिंग होगी
मेला अधिकारी सिंह ने कहा कि जीआईएस के माध्यम से मेला क्षेत्र के सभी प्लाट की नंबरिंग की जाए, जिससे कहां कौन से अखाड़े का स्थान है और कहां क्या व्यवस्था रहेगी। इसका पूरे प्लान का ले आउट तैयार करने के निर्देश दिए। मेडिकल कॉलेज के लिए बनेगा अंडरपास
मेला अधिकारी सिंह ने मेडिकल कॉलेज और हॉस्टल के बीच बनने वाले अंडरपास की जानकारी लेने पर बताया गया कि अंडरपास के लिए इस्टीमेट बनाया है। करीब 10 फीट चौड़े अंडरपास का निर्माण प्रस्तावित है। पुलिस हाउसिंग बोर्ड के अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि श्री महाकाल महालोक में थाना निर्माण का कार्य प्रगतिरत है। ये खबर भी पढ़ें… सिंहस्थ 2028 को ‘जीरो वेस्ट इवेंट’ बनाने की तैयारी उज्जैन में होने वाला सिंहस्थ कुंभ अब करीब ढाई साल दूर है, लेकिन माहौल अभी से ही पर्व की भव्यता का एहसास कराने लगा है। नगर से लेकर प्रशासन तक हर स्तर पर तैयारियां चरम पर हैं। लक्ष्य बड़ा है- सिंहस्थ 2028 को देश का पहला ‘जीरो वेस्ट कुंभ’ बनाना। इसी के लिए शहर में 29 घाटों का नया रूप, 19 ब्रिजों का निर्माण, सिक्स लेन सड़क, मेडिसिटी और विशाल वाटर प्रोजेक्ट जैसे काम युद्ध स्तर पर चल रहे हैं।पूरी खबर पढ़ें


