कैलारस कस्बे में एनएच 552 और पहाड़गढ़ रोड तिराहे पर मंगलवार देर शाम करीब तीन घंटे लंबा जाम लग गया। सबलगढ़, पहाड़गढ़ और मुरैना जाने वाले रास्तों पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे एक एंबुलेंस समेत यात्री बसें, कार और लोडिंग ट्रक फंस गए। स्थिति यह रही कि जाम 4 किलोमीटर तक फैल गया और पुलिस प्रशासन ने तीन घंटे बाद मौके पर पहुंचकर यातायात बहाल कराया। जाम का मुख्य कारण सड़क किनारे अतिक्रमण कर रखी अवैध गुमठियां हैं। हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने पिछले माह अतिक्रमण हटाओ अभियान के तहत इन गुमठियों को हटवा दिया था, लेकिन लोगों ने फिर से वहां गुमठियां जमा ली हैं। इस कारण रास्ता संकरा हो गया है और आए दिन जाम की स्थिति बन रही है। मंगलवार शाम 6 बजे से लगे जाम ने धीरे-धीरे विकराल रूप ले लिया। जाम में फंसी एंबुलेंस, पुलिस नदारद जाम के दौरान कैलारस से मरीज को मुरैना अस्पताल ले जा रही एक 108 एंबुलेंस भी भीड़ में फंस गई। गनीमत रही कि मरीज गंभीर हालत में नहीं था, अन्यथा उसकी जान पर बन सकती थी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने शुरुआत में जाम खुलवाने की सुध नहीं ली। जब जाम विकराल होता चला गया, तब करीब तीन घंटे बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा और रास्ता साफ करवाया। ‘पुलिस तिराहे पर रहे तो न लगे जाम’ स्थानीय निवासी रघुवीर कोठारी और अरुण जाटव ने बताया कि कैलारस में जाम अक्सर लगता है और जब लगता है तो इसी तरह विकराल रूप लेता है। घंटों जाम लगने से यात्रियों के साथ-साथ स्थानीय लोगों को रोज परेशानी का सामना करना पड़ता है। बच्चे स्कूल से आने में लेट होते हैं और कारोबार प्रभावित होता है। उनका कहना है कि नगर पालिका गुमठियां हटा नहीं पाई, कार्रवाई के बाद फिर अतिक्रमण हो गया। जाम लगने के घंटों बाद पुलिस आती है, इससे अच्छा पुलिस इस तिराहे पर तैनात रहे तो जाम ही नहीं लगेगा। तहसीलदार बोले- फिर हटाएंगे अतिक्रमण कैलारस तहसीलदार नरेश शर्मा ने कहा कि जाम की अक्सर स्थिति बनती है, इसलिए पूर्व में भी अतिक्रमण हटाओ मुहिम चलाकर सड़कें साफ करवाई थीं। अभी फिर से गुमठियां रखने की सूचना है, तो फिर कार्यवाही करेंगे और सुनिश्चित करेंगे कि आगे से ये गुमठियां न रखी जाएं। उन्होंने बताया कि पहाड़गढ़ होते हुए शिवपुरी जल्द पहुंच जाते हैं, इसलिए लोडिंग वाहन भी अधिकांश इसी रास्ते से जा रहे हैं, जो जाम का एक बड़ा कारण है।


