जोधपुर में डॉग बाइट के बढ़ रहे मामले:12 दिन में 629 लोगों पर किया अटैक, एक्सपर्ट बोले- सर्दियों में बढ़ जाता है खतरा

जोधपुर शहर में इन दोनों डॉग बाइट के मामले बढ़ने लगे हैं। शहर के प्रमुख महात्मा गांधी हॉस्पिटल में रोजाना औसतन करीब 50 से ज्यादा लोग पहुंचने लगे हैं। बीते करीब 12 दिनों में 600 से ज्यादा लोग शिकार हो चुके हैं जबकि पिछले तीन सालों के आंकड़ों की बात की जाए तो औसतन रोजाना 30 से 35 लोग डॉग बाइट के शिकार होते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों से भी पहुंच रहे जोधपुर महात्मा गांधी हॉस्पिटल में डॉग बाइट को लेकर इलाज होता है, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर शहरी स्वास्थ्य केंद्र पर इससे संबंधित इलाज ही नहीं है। ऐसे में 70 से 100 किलोमीटर दूर तक के मरीजों को इंजेक्शन और टीका लगवाने के लिए जोधपुर आना पड़ता है। जबकि इन केंद्रों पर भी इलाज की व्यवस्था की जा सकती है। साल दर साल बढ़ता गया आंकड़ा जोधपुर में बीते तीन वर्षों की बात की जाए तो साल दर साल डॉग बाइट के आंकड़े बढ़ रहे हैं। जोधपुर के MGH में साल 2023 में जहां डॉग बाइट के 10 हजार 615 मामले आए, वहीं साल 2024 में 10968 और साल 2025 में 13 हजार 198 मामले सामने आ चुके हैं। डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज की प्रोफेसर डॉक्टर सावित्री शर्मा ने बताया कि इन दिनों सर्दियों के समय में डॉग बाइट के मामले बढ़ जाते हैं। यहां पर ग्रामीण क्षेत्रों से भी मरीज इलाज के लिए आते हैं, लेकिन सावधानी बरतने की भी जरूरत है उन्होंने बताया कि यदि कहीं पर भी डॉग बाइट हो तो घाव को 10 से 15 मिनट तक बहता पानी में धोना चाहिए इसके बाद जितना जल्दी हो सके मरीज को अस्पताल लाना चाहिए। जहां पर उसके एंटी रैबीज इंजेक्शन भी लगाए जा सके और उसका इलाज भी शुरू किया जासके। उन्होंने बताया कि कई बार लोग कुत्ते के काटने के समय घाव पर मिर्ची लगा देते हैं लेकिन यह घाव के लिए नुकसानदायक है, इसलिए इस तरह की भ्रांतियां में नहीं आना चाहिए और घाव पर मिर्ची लगाने की बजाय उसे बहता पानी से धोना चाहिए और जल्द से जल्द अस्पताल में मरीज को लेकर आना चाहिए जिससे कि उसका इलाज शुरू किया जा सके।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *