ऑनलाइन फ्रॉड में अब ‘मोदी’ की एंट्री:फर्जी IPS बोला था- प्रधानमंत्री मोदी ने भी कहा है कार्रवाई गोपनीय रहे, नहीं तो आरोपी भाग जाएंगे

ग्वालियर में 75 वर्षीय रिटायर्ड उप पंजीयक बिहारी लाल गुप्ता को IPS अफसर बनकर मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाकर 1.12 करोड़ रुपए के ऑनलाइन फ्रॉड में अब प्रधानमंत्री मोदी के नाम की एंट्री हो गई है। फर्जी आईपीएस अधिकारी ने बुजुर्ग को यह कहते हुए डराया था कि यह मनी लॉन्ड्रिंग केस की कार्रवाई बड़ी गोपनीय है। प्रधानमंत्री मोदी ने भी कहा है यह कार्रवाई गोपनीय रहे और जो मनी लॉन्ड्रिंग कर रहे हैं वह पकड़े जाएं।
यदि आप अपने बच्चों को बताते हैं और यह कार्रवाई लीक हो जाती है तो जो आरोपी हैं वह विदेश भाग जाएंगे। बुजुर्ग को लगा कि बहुत संवेदनशील मामला है। इसलिए उसने किसी से जिक्र नहीं किया। वह ऑनलाइन फ्रॉड करने वालों की बात मानता गया। अपने SBI के अकाउंट से ठगों के बताए इंडसइंड बैंक के दो, ICICI व यूको बैंक के एक-एक खाते में 1.12 करोड़ रुपए ट्रांसफर कर दिए। मेरा ऐसा ब्रेन वॉश किया कि सब कुछ भूल गया
ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हुए रिटायर्ड उप पंजीयक बिहारी लाल गुप्ता ने बताया कि आईपीएस बनकर मुझे वीडियो कॉल करने वाला नीरज ठाकुर सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक कई वीडियो कॉल पर रखकर नजर रखता था। वह कहता था कि घर से कहीं भी जाएंगे तो मुझे बताकर जाएंगे। यदि किसी से बातचीत करें तो भी बताएं। आपका मोबाइल हमारी निगरानी में है। उस फर्जी IPS ने मेरा एक ब्रेन वॉश किया कि मैं सब कुछ भूल गया था। म्यूचुअल फंड की निकाल ली थी जानकारी
बुजुर्ग ने बताया कि जो आईपीएस अधिकारी बनकर मुझसे बात कर रहा था उसने मुझसे मेरी संपत्ति के बारे में पूछताछ की थी। उसे पता था कि मेरे नाम पर म्यूचुअल फंड हैं। उसने सबसे पहले मुझसे म्यूचुअल फंड कैश कराने के लिए कहा। जब मैंने ऐसा किया तो कैश अकाउंट में आते ही उसने मुझसे 30 लाख रुपए एक अकाउंट नंबर देकर RTGS (रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट) करने के लिए कहा, जो मैंने उसे कर दिया था। चार बेटे, तीन विदेश में, किसी को नहीं बताया
ऑनलाइन फ्रॉड का शिकार हुए बुजुर्ग रिटायर्ड उप पंजीयक बिहारी लाल गुप्ता के चार बेटे हैं। उनमें से तीन विदेश में मल्टी नेशनल कंपनी में जॉब करते हैं, जबकि एक इंडिया में किसी सॉफ्टवेयर कंपनी में है। घटना के बाद भी बुजुर्ग ने अपने बच्चों को ठगी के बारे में नहीं बताया। उनके एक दोस्त से चर्चा की तो उसने भोपाल में पदस्थ एक एएसपी से बात कराई। फिर उनकी मदद से हेल्प लाइन नंबर 1930 पर शिकायत जीरो-FIR प्लेटफार्म पर मामले की शिकायत की। ऐसे समझिए पूरा मामला
खेड़ापति कॉलोनी 57-बी निवासी 75 वर्षीय बिहारी लाल गुप्ता उप पंजीयक पद से रिटायर्ड हैं। परिवार में चार बेटे हैं और चारों बेटे बाहर रहते हैं और मल्टी नेशनल कंपनी में कार्यरत हैं। बिहारी लाल और उनकी पत्नी रहते हैं। 16 नवंबर 2025 को बुजुर्ग के मोबाइल पर एक अनजान नंबर से कॉल आया।
कॉल करने वाले ने खुद को ट्राई का अधिकारी रोहित शर्मा बताते हुए कहा कि आपका मोबाइल नंबर व आधार कार्ड बंद होने वाला है। जब बुजुर्ग ने पूछा ऐसा क्यों होने वाला है तो ट्राई का फर्जी अधिकारी बोला कि आपको गिरफ्तार करने के आदेश हैं। अभी आपके पास हमारे एक IPS ऑफिसर का कॉल आएगा। उसने एक मोबाइल नंबर भी बताया कि इस नंबर से कॉल आएगा। खुद को बताया था IPS अधिकारी बिहारी लाल गुप्ता के पास उसी नंबर से वॉट्सऐप पर वीडियो कॉल आया। उसने खुद का परिचय IPS नीरज ठाकुर के रूप में दिया। बताया कि संदीप कुमार नाम का युवक मनी लॉन्ड्रिंग केस में पकड़ा गया है। उसने पूछताछ में बताया है कि उसने तुमको 2 लाख रुपए देकर तुम्हारा ICICI बैंक का खाता लिया है। इसके बाद डराते हुए बुजुर्ग से 1.12 करोड़ रुपए चार अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए थे। ये खबर भी पढ़ें… 75 साल के रिटायर्ड अफसर से ₹1.12 करोड़ की ठगी ग्वालियर में एक 75 वर्षीय रिटायर्ड उप पंजीयक बिहारी लाल गुप्ता को आईपीएस और सीबीआई अधिकारी बनकर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट किया और 1.12 करोड़ रुपए ठग लिए। 16 नवंबर 2025 को रिटायर्ड उप पंजीयक के पास कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को ट्राई (TRAI) का अधिकारी बताकर उनकी सिम बंद करने और गिरफ्तारी आदेश होने की बात कही। इसके बाद एक आईपीएस अधिकारी बनकर वीडियो कॉल आया। पूरी खबर पढ़ें

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