धौलपुर में बुधवार को मकर संक्रांति का पर्व मनाया जा रहा है। इस अवसर पर शहर में सुबह से ही धार्मिक गतिविधियां शुरू हो गईं। विशेष रूप से धर्मराज मंदिर के बाहर श्रद्धालुओं की भीड़ देखी गई, जहां महिलाओं ने साधु-संतों को दान-पुण्य किया और पूजा-अर्चना की। सुबह महिलाओं ने स्नान कर नए वस्त्र धारण किए और मंदिरों में पहुंचकर भगवान सूर्यदेव की पूजा की। मकर संक्रांति पर तिल, गुड़, खिचड़ी, वस्त्र और दक्षिणा का दान करने की परंपरा निभाई गई। धर्मराज मंदिर के बाहर साधु-संतों की कतारें लगी थीं, जहां महिलाएं उन्हें भोजन और दान सामग्री अर्पित कर रही थीं। महिलाओं के अनुसार, मकर संक्रांति पर दान और पुण्य का विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन किया गया दान अक्षय फल देता है। इसी कारण पर्व को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह देखा गया। कई परिवारों ने घरों में विशेष पकवान बनाए और पर्व को सामूहिक रूप से मनाया। शहर के अन्य मंदिरों में भी सुबह से भक्तों की भीड़ रही। यहां पूजा-अर्चना, हवन और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए गए। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी में पर्व को लेकर उत्साह था। महिलाओं ने एक-दूसरे को तिल-गुड़ बांटकर शुभकामनाएं दीं।
मकर संक्रांति के अवसर पर शहर में धार्मिक उत्साह का माहौल रहा। इस पर्व को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया गया। धौलपुर शहर में मकर संक्रांति का पर्व आस्था और उल्लास के साथ संपन्न हुआ।


