शाजापुर में प्रभारी मंत्री नारायण सिंह कुशवाहा ने बुधवार को भाजपा कार्यालय में एक पत्रकार वार्ता की। उन्होंने केंद्र सरकार की ‘विकसित भारत जी-राम-जी (VB-G-RAM-G)’ योजना के नए स्वरूप और उसके उद्देश्यों की विस्तृत जानकारी दी। मंत्री कुशवाहा ने बताया कि योजना में व्यापक बदलाव किए गए हैं, जिससे यह पहले से अधिक सशक्त हुई है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति देना और अधिक से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध कराना है। उन्होंने पूर्व में मनरेगा जैसी योजनाओं में सामने आई भ्रष्टाचार की शिकायतों का भी जिक्र किया। इसे ध्यान में रखते हुए नई योजना में अत्याधुनिक तकनीक का उपयोग किया गया है। जीपीएस और रियल टाइम मॉनिटरिंग से कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाएगी। योजना के नामकरण को लेकर उठे सवालों पर प्रभारी मंत्री ने कहा कि रोजगारपरक योजनाओं के नाम पहले भी कई बार बदले गए हैं। उन्होंने बताया कि अधिकांश योजनाएं नेहरू-गांधी परिवार के नाम पर केंद्रित रही हैं। वर्तमान नरेंद्र मोदी सरकार ने महात्मा गांधी के आदर्शों से प्रेरित होकर योजना का नाम ‘जी-राम’ रखा है। मंत्री कुशवाहा ने इस योजना को केंद्र सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल बताया। इसका लक्ष्य ग्रामीण भारत को सशक्त बनाना और भ्रष्टाचार मुक्त शासन सुनिश्चित करना है। पत्रकार वार्ता के दौरान विधायक अरुण भीमावद और भाजपा जिला अध्यक्ष रवि पांडे सहित कई पार्टी पदाधिकारी मौजूद थे। पत्रकार वार्ता के बाद मकर संक्रांति के अवसर पर प्रभारी मंत्री भाजपा कार्यालय परिसर में गिल्ली-डंडा खेलते हुए भी नजर आए। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों के साथ मिलकर यह पारंपरिक खेल खेला। इस दौरान विधायक अरुण भीमावत भी उनके साथ थे। नेताओं ने ग्रामीण संस्कृति और पुरानी परंपराओं को निभाते हुए पर्व मनाया।


