छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) में सामने आई वित्तीय गड़बड़ियों और फर्जी ऋण मामलों की जांच अब आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा यानी EOW करेगी। बैंक के नवनियुक्त अध्यक्ष केदार गुप्ता ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बैंक से जुड़े संदिग्ध मामलों को लेकर फाइल EOW को सौंपने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सभी ब्रांचों का स्पेशल ऑडिट, किसानों से होगा वेरिफिकेशन अपेक्स बैंक अध्यक्ष केदार गुप्ता ने बताया कि राज्य की सभी ब्रांचों के पिछले तीन साल के रिकॉर्ड का स्पेशल ऑडिट कराया जा रहा है। इस दौरान संदिग्ध ट्रांजेक्शन की जांच की जाएगी और संबंधित किसानों से सीधे वेरिफिकेशन भी किया जाएगा।बैंक प्रबंधन का मानना है कि जांच में गड़बड़ी की राशि 200 करोड़ रुपए से अधिक हो सकती है। बरमकेला ब्रांच से खुला मामला गड़बड़ी का मामला तब सामने आया, जब अपेक्स बैंक हेड ऑफिस को बरमकेला ब्लॉक ब्रांच से जुड़ी शिकायत मिली। इसके बाद तीन अधिकारियों की टीम को 1 अप्रैल 2024 से नवंबर 2024 तक के रिकॉर्ड की जांच के लिए भेजा गया।जांच के पहले ही दिन दो संदिग्ध ट्रांजेक्शन सामने आए, जिसमें दो किसानों के खातों से 50-50 हजार रुपए एसबीआई खाते में ट्रांसफर किए गए थे। दो दिन में 56 लाख निकाले गए, किसानों ने लोन लेने से किया इनकार जांच में सामने आया कि दो दिन के भीतर करीब 56 लाख रुपए इसी तरह निकाले गए। जब संबंधित किसानों से पूछताछ की गई तो उन्होंने किसी भी प्रकार का लोन लेने से इनकार किया।इसके बाद जब समितियों के रिकॉर्ड की जांच की गई, तो बड़े नवापारा, बरमकेला, बोंदा, दुलोपाली, लेंन्ध्रा समेत 17 सहकारी समितियों में गड़बड़ी पाई गई। छत्तीसगढ़ में सहकारिता नेटवर्क 887 खातों से 10 करोड़ रुपए की हेराफेरी प्रारंभिक जांच में सामने आया कि 887 खातों से करीब 10 करोड़ रुपए की राशि निकाली गई। दिसंबर 2025 में अपेक्स बैंक अध्यक्ष ने इस तरह की गड़बड़ियों को देखते हुए सभी ब्रांचों के तीन साल के रिकॉर्ड की जांच के आदेश दिए थे। अपेक्स बैंक प्रबंधन ने पूरे मामले की फाइल जांच के लिए सचिव स्तर पर भेज दी है। जल्द ही मामला औपचारिक रूप से EOW को सौंपा जाएगा, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। ई-केसीसी और रुपे एटीएम से बैंकिंग में बदलाव प्रेस कॉन्फ्रेंस में अध्यक्ष केदार गुप्ता ने बताया कि बैंक में ई-केसीसी और रुपे एटीएम कार्ड के जरिए बैंकिंग प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाया जा रहा है। इससे किसानों को कृषि ऋण और आवास ऋण की सुविधा सीधे मिल सकेगी।


