नीमच जिले में मानव तस्करी और जबरन शादी का मामला सामने आया है। बिहार की एक युवती करीब 10 दिन तक एक कमरे में बंद रहकर मारपीट और मानसिक प्रताड़ना सहती रही। मौका पाकर वह वहां से भागी और ग्रामीणों को आपबीती बताई। इसके बाद उसे पुलिस के हवाले किया गया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसके ही रिश्तेदारों ने शादी के बहाने उसे बेच दिया था। पहले उसे राजस्थान के कोटा ले जाया गया, फिर जबरन नीमच जिले के सरवानिया क्षेत्र में लाकर बंद कर दिया गया। युवती का आरोप है कि जबरन शादी के लिए दबाव बनाया गया और विरोध करने पर बेल्ट से मारपीट की गई। बुधवार को भागकर पहुंची युवती को सरवानिया महाराज चौकी के जरिए महिला थाना नीमच भेजा गया है। पुलिस काउंसलर की मदद से पूछताछ कर रही है। मुझे बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी
युवती के मुताबिक, मुझे जबरदस्ती शादी के लिए तैयार किया जा रहा था। माला पहनाने और शादी की बात तय करने के बाद मुझे फिर से कमरे में बंद कर दिया गया। मुझे बाहर निकलने की अनुमति नहीं थी। विरोध करने पर बेल्ट से मारपीट की जाती थी। मारपीट करने वालों में विजय नामक व्यक्ति, उसकी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्य शामिल थे। युवती ने बताया कि बुधवार को अचानक मौका पाकर वह वहां से भागने में सफल हो गई। इसके बाद वह सीधे ग्रामीणों के पास पहुंची और उन्हें अपनी पूरी कहानी बताई। काउंसलर कर रहे पूछताछ
पुलिस अब काउंसलर के माध्यम ये युवती से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि यह पता चल सके कि उसे कहां से और किसके माध्यम से यहां लाया गया था। पुलिस इस मानव तस्करी के मामले में शामिल सभी लोगों की पहचान करने में जुटी है। पहले पकड़ा जा चुका आरोपी
ग्रामीणों ने बताया कि बुधवार शाम वे बाबा रामदेव मंदिर पर बैठक कर रहे थे। इसी दौरान एक युवती घबराई हुई हालत में वहां पहुंची और बोली कि उसे बस में बैठा दिया जाए। युवती की हालत देखकर ग्रामीणों को शक हुआ, जिसके बाद उन्होंने तुरंत ग्राम अध्यक्ष रूपेश जैन को सूचना दी। युवती को पहले सरवानिया महाराज चौकी ले जाया गया, जहां से उसे महिला थाने भेजा गया। ग्रामीणों ने यह भी बताया है कि आरोपी विजय पिता श्रीपाल पहले भी क्षेत्र में लोगों की शादी करवाने का काम करता था और उसके खिलाफ पूर्व में भी रतनगढ़ थाने में शिकायत दर्ज की गई थी। मां बोलीं- तीर्थ यात्रा के बहाने ले गए
पुलिस ने मामले में युवती के परिजनों से बातचीत की है। युवती की मां ने फोन पर पुलिस को बताया कि पड़ोस में रहने वाली एक महिला, जिसे युवती मुंहबोली मौसी कहती थी, तीर्थ यात्रा पर साथ ले जाने की बात कहकर उसे अपने साथ ले गई थी। पुलिस ने आगे की कार्रवाई के लिए युवती के परिजनों को थाने बुलवाया है। दैनिक भास्कर ने युवती से की बातचीत
युवती ने आपबीती साझा की, धोखे से बेचने और बंधक बनाने के लगाए आरोप प्रश्न 1: आप कहां की रहने वाली हैं? उत्तर: मैं बिहार की रहने वाली हूं। प्रश्न 2: आप यहां कैसे पहुंचीं? उत्तर: मेरे ही रिश्तेदारों ने शादी कराने के बहाने मुझे यहां भेजा और बेच दिया। प्रश्न 3: क्या आपको बताया गया था कि यहां क्या होने वाला है? उत्तर: नहीं, मुझे धोखे में रखकर लाया गया। मुझे कुछ भी नहीं बताया गया था। प्रश्न 4: कितने दिनों तक आपको कमरे में बंद रखा गया? उत्तर: करीब 10 दिनों तक मुझे एक कमरे में बंद करके रखा गया था। प्रश्न 5: क्या आपके साथ मारपीट की गई? उत्तर: हां, मेरे साथ मारपीट की गई और मुझे डराया-धमकाया गया। प्रश्न 6: क्या आपको बाहर निकलने की अनुमति थी? उत्तर: नहीं, दरवाजा बाहर से बंद रहता था। मुझे कहीं जाने नहीं दिया जाता था। प्रश्न 7: आप वहां से कैसे भाग पाईं? उत्तर: मौका मिलते ही मैं किसी तरह कमरे से भागी और बाहर आकर ग्रामीणों को अपनी पूरी बात बताई। प्रश्न 8: क्या आपने पहले किसी को इसकी जानकारी देने की कोशिश की थी? उत्तर: नहीं, मुझे किसी से बात करने नहीं दी जाती थी। प्रश्न 9: क्या आपको धमकी दी गई थी? उत्तर: हां, कहा गया था कि अगर किसी को बताया तो जान से मार देंगे। प्रश्न 10: आप अभी क्या चाहती हैं? उत्तर: मैं सुरक्षित रहना चाहती हूं और अपने घर वापस जाना चाहती हूं। प्रश्न 11: क्या आप दोषियों के खिलाफ कार्रवाई चाहती हैं? उत्तर: हां, जिन्होंने मुझे बेचा और मेरे साथ गलत किया, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। प्रश्न 12: क्या आप पुलिस से मदद चाहती हैं? उत्तर: हां, मैं चाहती हूं कि पुलिस मेरी पूरी मदद करे।


