15 से अधिक कॉलोनियों में गंदगी के ढेर, मक्खी-मच्छर पनप रहे, लोग परेशान

शहर की सफाई का जिम्मा नगर परिषद का है, जो वर्ष में लगभग पांच करोड़ रुपए सफाई के नाम पर खर्च करती है। लेकिन शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। हालात ये हैं कि 15 से अधिक प्रमुख कॉलोनियों में पिछले कई दिनों से नियमित कचरा उठाव नहीं हो रहा। नतीजा यह कि खाली प्लॉट, सड़क किनारे और नालों के पास कचरे के ढेर लग गए हैं। मजबूरी में लोग अपने घरों का कचरा इन्हीं जगहों पर डाल रहे हैं। वहीं डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था नाम मात्र की रह गई है। कई इलाकों में 2–3 दिन तो कहीं एक हफ्ते तक कचरे उठाने के लिए गाड़ी नहीं पहुंचती है। शहर की पॉश और घनी आबादी वाली कॉलोनियां भी इससे अछूती नहीं हैं। खाली प्लॉट अब अस्थायी डंपिंग यार्ड बन चुके हैं। वहीं आवारा जानवरों द्वारा कचरे को इधर उधर सड़कों पर फैला दिया जाता है। नगर परिषद द्वारा इस ओर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया जा रहा। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नगर परिषद में कई बार शिकायत की गई, लेकिन न तो कचरा गाड़ी नियमित हुई और न ही जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचे। कुछ जगहों पर सफाई कर्मियों की कमी तो कहीं ठेकेदार की लापरवाही सामने आ रही है। नगर परिषद आयुक्त मुकेश शर्मा ने बताया कि कॉलोनियों से नियमित कचरा उठवाया जा रहा है। जहां दिक्कत है उसे चेक करा लेते हैं। जिन खाली प्लॉटों में कचरा डाला जा रहा है, उनके मालिकों की पहचान कर उन्हें नोटिस देंगे। जिन प्लॉट मालिकों की पहचान नहीं हो पाएगी, वहां सूचना बोर्ड लगवाए जाएंगे, ताकि लोग कचरा नहीं डालें। खैरथल. आबकारी थाने के पास खाली जगह पर पड़ा कचरा। कॉलोनीवासियों का कहना है कि नगर परिषद केवल सड़कों की सफाई तक सीमित रह गई है, जबकि खाली प्लॉटों में कचरे के ढेर महीनों तक पड़े रहते हैं। बारिश के दिनों में हालात और ज्यादा खराब हो जाते हैं। शहर की आनंद नगर, गीता कॉलोनी, माया कॉलोनी, जाट कॉलोनी, शिवपुरम कॉलोनी, श्याम नगर कॉलोनी, गुरुनानक कॉलोनी, जसोरिया कॉलोनी, गयाजी मंदिर कॉलोनी सहित अन्य प्रमुख कॉलोनियों में यह समस्या लगभग एक जैसी है। निगम द्वारा नियमित सफाई नहीं करवाने के चलते हर कॉलोनी में लगभग 2 से 3 प्लॉट ऐसे हैं, जहां कॉलोनीवासी पॉलीथिन में भरकर घरेलू कचरा डाल रहे हैं। वहीं नगर परिषद कॉलोनियों के रास्तों की सफाई तो नियमित रूप से कर रही है, लेकिन इन खाली प्लॉटों से कचरा उठाने की व्यवस्था नहीं है। इन खाली प्लॉटों में जमा कचरे से हल्की बारिश होते ही दुर्गंध फैलने लगती है। गंदगी के कारण मच्छर पनप रहे हैं और कॉलोनियों का सौंदर्य भी बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

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