मनरेगा की आड़ में पंचायत चुनाव की बिसात, मनरेगा बचाओ संघर्ष को बनाया सियासी हथियार

जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से शुरू किया गया मनरेगा बचाओ संघर्ष अब सिर्फ मजदूरों के हक की लड़ाई नहीं रह गया है, बल्कि इसे आने वाले पंचायत राज चुनावों की सबसे बड़ी सियासी तैयारी माना जा रहा है। कांग्रेस ने जिस तरह सांसद, विधायक और पूर्व मंत्रियों को सीधे गांवों में उतारा है, उससे साफ है कि पार्टी ने अभी से ग्रामीण सत्ता की चाबी पाने की रणनीति शुरू कर दी है। जिले की पांचों विधानसभाओं में एक साथ अभियान चलाकर कांग्रेस ने साफ कर दिया है कि दौसा को मनरेगा बचाओ आंदोलन का मजबूत केंद्र बनाया जाएगा। आने वाले दिनों में बड़े जनसमर्थन जुटाने की तैयारी है, जिससे सरकार पर सीधा दबाव बनाया जा सके। केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों से मनरेगा को कमजोर किए जाने के आरोपों के बीच जिला कांग्रेस कमेटी मनरेगा बचाओ संघर्ष के तहत कांग्रेस अब सीधे गांव-गांव जाकर जनता से जुड़ेगी। इसके लिए सांसद, विधायक और पूर्व मंत्रियों को विधानसभावार जिम्मेदारियां सौंपकर पंचायत चुनाव में जीत के लिए मनरेगा मजदूर, छोटे किसान और ग्रामीण बेरोजगारों को साधने की तैयारी की जा रही है। यही वह वर्ग है, जो सरपंच से लेकर जिला परिषद सदस्य तक का फैसला करता है। कांग्रेस मनरेगा को मुद्दा बनाकर सीधे घर-घर पहुंचने की योजना बनाई है और मनरेगा के नाम पर गांव-गांव संगठन मजबूत करना है। मनरेगा बचाओ संघर्ष के बहाने कांग्रेस ने पंचायत राज चुनावों की सियासी लड़ाई का बिगुल बजा दिया है। मनरेगा के काम, मजदूरी भुगतान, जॉब कार्ड और काम के दिनों को लेकर गांवों में नाराजगी को हथियार बना रही है। जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्रों में कांग्रेस के बड़े चेहरे मैदान में उतार दिए हैं। पूरे जिले के लिए सांसद मुरारीलाल मीणा को जिम्मेदारी सौंपी है। वहीं दौसा विधानसभा के लिए पूर्व मंत्री परसादी लाल मीणा, विधायक दीनदयाल बैरवा, लालसोट विधानसभा के लिए पूर्व मंत्री परसादी लाल मीणा, महवा पूर्व विधायक ओपी हुडला, सिकराय पूर्व मंत्री ममता भूपेश, बांदीकुई पूर्व विधायक जीआर खटाणा, बांदीकुई के लिए पूर्व विधायक जीआर खटाना, दौसा विधायक दीनदयाल बैरवा एवं महवा विधानसभा के लिए पूर्व ममता भूपेश व पूर्व विधायक ओपी हुड़ला कार्यक्रमों की रणनीति बनाएंगे। जिला कांग्रेस कमेटी ने आंदोलन के क्रियान्वयन, निगरानी और मार्गदर्शन के लिए समन्वय समिति का भी गठन किया है, जो पूरे अभियान की कमान संभालेगी। समन्वय समिति के सदस्य जिलाध्यक्ष रामजीलाल ओढ़, सांसद मुरारीलाल मीणा, पूर्व मंत्री परसादी लाल मीणा, ममता भूपेश, दौसा विधायक दीनदयाल बैरवा, बांदीकुई पूर्व विधायक जीआर खटाणा, महवा के पूर्व विधायक ओमप्रकाश हुडला, जिला प्रमुख हीरालाल सैनी, पूर्व जिलाध्यक्ष महिला कांग्रेस रुक्मणि गुप्ता, पूर्व चेयरमैन लालसोट दिनेश मिश्रा, विष्णुसिंह महवा को शामिल किया है।

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