फ्रीगंज ब्रिज के पास बन रहे नए ओवरब्रिज के लिए पोल गाड़ने को खोदे गए गड्ढे ने निर्माण एजेंसी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। गड्ढा खोदते समय पुरानी डायरेक्ट पाइपलाइन फूट गई। इससे तीन दिन से हजारों गैलन पानी व्यर्थ बह रहा है।
सबसे बड़ी परेशानी यह है कि नगर निगम की पीएचई टीम और रेलवे अफसरों को जानकारी नहीं कि लाइन कहां से जुड़ी है और इसका वॉल कहां से बंद होगा। दोनों विभागों के कर्मचारी सुधार में जुटे हैं, लेकिन सफलता नहीं मिली। कर्मचारियों ने बताया कि यह पाइपलाइन करीब 60-70 साल पुरानी है। तब के कर्मचारी अब नहीं हैं। इस कारण इसकी कनेक्टिविटी की जानकारी किसी के पास नहीं है। लाइन करीब 7-8 फीट गहराई में है। पानी खाली करे बिना सुधार मुश्किल है। ब्रिज के पोल खड़े करने वाली कंपनी को भी तीन दिन से काम रोकना पड़ा है। ट्रैक्टर का इंजन लगाया फिर भी पानी खत्म नहीं हुआ : मरम्मत के लिए पानी में उतरकर मशक्कत कर रहे निगम पीएचई के कर्मचारियों ने बताया इस गड्ढे से पानी ही खत्म नहीं हो रहा, क्योंकि जो लाइन फूटी है, वह बड़ी लाइन है और 24 घंटे चालू रहती है। ट्रैक्टर का इंजन चालू कर गड्ढे का पानी खत्म करने का भी प्रयास किया, लेकिन पाइपलाइन से इतना ज्यादा पानी बाहर निकल रहा है कि इंजन से खाली नहीं हो सका। जल्द मरम्मत करवाएंगे : पीएचई के ईई वैभव भावसार ने कहा क्षेत्र में पाइपलाइन शिफ्टिंग का काम चल रहा है। जो पाइपलाइन फूटी उसकी जानकारी लेंगे और जल्द से मरम्मत करवाकर व्यर्थ बह रहा पानी रोकेंगे।


