भास्कर न्यूज | राजनांदगांव शासकीय महारानी लक्ष्मीबाई कन्या विद्यालय में राजनांदगांव जोन का एफएलएन (फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी) आधारित नवीन पाठ्य पुस्तकों पर पांच दिवसीय प्रशिक्षण 7 से 12 जनवरी तक दिया गया। मास्टर ट्रेनर शरद अवस्थी ने प्रशिक्षण की संपूर्ण रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप कक्षा पहली से तीसरी तक की पाठ्य पुस्तकों में किए गए परिवर्तनों की जानकारी दी। 13 संकुलों से 110 शिक्षकों ने सहभागिता की। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों में मूलभूत भाषाई कौशल एवं संख्यात्मक ज्ञान को सुदृढ़ करना रहा। समावेशी शिक्षा, खेल व शनिवार की गतिविधियां, जादुई पिटारा, शिक्षा में प्रौद्योगिकी के उपयोग तथा नवाचार आधारित शिक्षण पर जोर दिया गया। भाषा, गणित, पर्यावरण व अंग्रेजी विषयों के साथ-साथ योग, खेल व बांसुरी जैसे सह-पाठ्यक्रम विषयों की जानकारी दी। आकलन ट्रैकर के उपयोग पर भी मार्गदर्शन दिया। पारंपरिक संस्कृति, वाद्य यंत्रों व वेशभूषा का किया प्रदर्शन: अंतिम दिवस प्रशिक्षणार्थियों ने एफएलएन मेला सह मड़ई मेला का आयोजन किया। इसमें गतिविधि आधारित शिक्षण के माध्यम से बच्चों को क्रय-विक्रय व गणितीय संक्रियाएं सिखाई गई। छत्तीसगढ़ की पारंपरिक संस्कृति, वाद्य यंत्रों व वेशभूषा का आकर्षक प्रदर्शन किया गया। समापन अवसर पर बीईओ राजू साहू, प्राचार्य पूर्णिमा शुक्ला, मास्टर ट्रेनर शरद अवस्थी, नमिता देवांगन, रोहित साहू उपस्थित थे। शिक्षकों ने प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान को विद्यालय स्तर पर प्रभावी रूप से लागू करने का संकल्प लिया।


