भास्कर न्यूज | जांजगीर स्वास्थ्य विभाग ने जिले में अवैध रक्तदान शिविरों पर अंकुश लगाने और रक्तदान को सुरक्षित बनाने नई गाइडलाइन जारी की है। सीएमएचओ की ओर से जारी निर्देश के अनुसार रक्तदान शिविर के लिए पहले अनुमति लेना अनिवार्य होगा। आयोजक को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी/सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक से संपर्क करना होगा। शासन की ओर से निर्धारित नियमों के अनुसार शिविर की तारीख, स्थान और आयोजक संस्था की जानकारी देनी होगी। मालूम हो कि भास्कर ने रक्तदान शिविर के नाम पर चल रहे गोरखधंधे को लेकर 13 जनवरी को खबर प्रकाशित की थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड में आया और 48 घंटे में तमाम रिकॉर्ड खंगाल कर व नियमों को परखकर बुधवार की शाम गाइडलाइन जारी की है। ब्लड का धंधा करने वाले लगा रहे शिविर जिला में पांच ब्लड बैंक हैं। इनमें से एक सरकारी ब्लड बैंक जिला अस्पताल जांजगीर में है। चार निजी हैं, जिनमें आयुष्मान ब्लड बैंक चांपा, धर्म शिवरीनारायण, हसदेव ब्लड बैंक चांपा और संकट मोचन ब्लड बैंक शहर और आसपास के क्षेत्रों में हैं। स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि अब केवल मान्यता प्राप्त ब्लड बैंक के जरिए ही रक्त एकत्रित किया जाएगा। रक्तदान शिविर लगाने के लिए ये प्रक्रिया जरूरी { मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी/सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक से संपर्क करना अनिवार्य है। { शासन के नियमों व दिशा-निर्देशानुसार शिविर की तारीख, स्थान और आयोजक संस्था की जानकारी देकर अनुमति लेना आवश्यक है। { शिविर में अनिवार्य रूप से शासकीय जिला टीम, डॉक्टर, नर्स, पैथोलॉजिस्ट, ब्लड कलेक्शन सामग्री और अन्य आवश्यक सामग्रियां होनी चाहिए। अन्य दिशा-निर्देशों का पालन भी करना होगा। अमानक शिविर से बीमारियों का खतरा स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार अवैध रक्तदान से एचआईवी, हेपेटाइटिस व अन्य संक्रामक रोगों का खतरा बढ़ जाता है। गाइडलाइन के अनुसार अब रक्तदाता की स्क्रीनिंग, स्वच्छता और डोनर की जानकारी का रिकॉर्ड रखना अनिवार्य होगा। इसके अलावा, हर रक्तदान शिविर का पूर्व पंजीकरण और स्थानीय स्वास्थ्य विभाग से अनुमोदन जरूरी होगा।


