बोकारो | इस्पात मजदूर मोर्चा सीटू की ओर से आरएमएचपी विभाग में चार लेबर कोड रद्द करने को लेकर मजदूर जागरण अभियान चलाया। महामंत्री आरके गोरांई ने कहा कि मोदी सरकार 21 नवंबर को अधिसूचना जारी कर श्रम संहिताओं को मजदूर समर्थक और आधुनिकीकरण के रूप में चित्रित करने का प्रयास करता है, जबकि वास्तव में हासिल अधिकारों और हक का हनन है। इसका मकसद कॉरपोरेट के शोषण, ठेकेदारी और अनियंत्रित नियुक्ति और बर्खास्तगी को सुविधाजनक बनाना है। सरकार ने ट्रेड यूनियनों द्वारा उठाई गई हर बड़ी आपत्ति को नजरअंदाज कर दिया। विपक्ष की उपस्थिति के बिना ही इन संहिताओं को संसद में पारित कर दिया गया, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का मखौल उड़ाया गया। सीटू सभी चार श्रम संहिताओं को निरस्त करने की मांग के साथ ही आगामी 12 फरवरी की आहूत देशव्यापी हड़ताल को सफल बनाने की अपील की। मौके पर इश्तियाक अंसारी, देव कुमार, आरआर पन्ना, संजय अंबेडकर, जमील अख्तर, सुरेश आदि थे।


