चंडीगढ़ पुलिस ने 6 साइबर ठग पकड़े:दंपती से 38 लाख रुपए लूटे थे; 2 दिन तक डिजिटल अरेस्ट करके रखा था

साइबर ठगों ने खुद को CBI और मुंबई पुलिस का अधिकारी बताकर चंडीगढ़ के एक दंपती पीड़ित कृष्ण चंद को डिजिटल अरेस्ट कर मनी लॉन्ड्रिंग के झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी और उनसे ₹38 लाख ठग लिए। इस मामले में चंडीगढ़ साइबर सेल ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराओं 308, 318(4), 319(2), 336(3), 338, 340(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वीना रानी, सतनाम सिंह, सुखदीप सिंह उर्फ सुख, धर्मिंदर सिंह उर्फ लड्डी, मुकेश उर्फ प्रिंस और फजल रॉकी के रूप में हुई है। चेन्नई से संचालित हो रहा था नेटवर्क साइबर सेल की एसपी गीतांजली ने बताया कि पूरा नेटवर्क चेन्नई से संचालित हो रहा था। वरिष्ठ अधिकारियों की अनुमति के बाद चेन्नई में छापेमारी कर फजल रॉकी को उसके किराए के कमरे से गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान मोबाइल फोन, लैपटॉप, बैंक पासबुक और चेकबुक बरामद की गईं। जांच में यह भी सामने आया कि वह टेलीग्राम के जरिए विदेशी संपर्कों, जिनमें चीनी नागरिक भी शामिल हैं, के संपर्क में था।आरोपियों को डीएसपी वेंकटेश की सुपरविजन में साइबर सेल इंचार्ज इंस्पेक्टर इरम रिजवी की अगुआई में टीम ने पकड़ा है। पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी की रकम चेक के जरिए निकाली जाती थी और बाद में उसे क्रिप्टोकरेंसी USDT में बदल दिया जाता था। इस पूरे नेटवर्क में आरोपियों को हर ट्रांजैक्शन पर कमीशन मिलता था। USDT को चेन्नई में बैठे आरोपी फजल रॉकी के निर्देश पर आगे ट्रांसफर किया जाता था। आरोपियों से बरामद सामान पुलिस ने आरोपियों से मोबाइल फोन, लैपटॉप, नकदी, बैंक खाते, एटीएम कार्ड, चेकबुक, पासबुक, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और आभूषण बरामद किए हैं। सभी मोबाइल और बैंक खातों को साइबर फोरेंसिक लैब भेजा गया है। पुलिस के मुताबिक एनसीआरपी पोर्टल और गृह मंत्रालय के समन्वय से पीड़ित की बड़ी राशि को समय रहते होल्ड कर लिया गया। महिला के नाम पर था खाता बैंकों से केवाईसी और खातों का ब्योरा लेने पर पता चला कि 8 जनवरी 2026 को चंडीगढ़ के एक बैंक खाते से ₹4.50 लाख चेक के जरिए निकाले गए। यह खाता फाजिल्का-फिरोजपुर क्षेत्र की निवासी वीना रानी के नाम पर था। तकनीकी सर्विलांस से उसकी लोकेशन चंडीगढ़ में ट्रेस हुई और सेक्टर-32 में छापेमारी कर उसे गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में वीना ने बताया कि उसने ठगी की रकम निकालकर कमीशन के बदले अपने साथियों को दी। इसके बाद सेक्टर-45 और बुड़ैल इलाके में छापेमारी कर धर्मिंदर उर्फ लड्डी, सुखदीप उर्फ सुख और सतनाम को गिरफ्तार किया गया। इनके खुलासे पर मुकेश उर्फ प्रिंस को भी बुड़ैल से पकड़ा गया, जो क्रिप्टो में पैसे बदलने का काम करता था। कैसे हुई दंपती से साइबर ठगी, सिलसिलेवार ढंग से जानिए… दो दिन लगातार डिजिटली अरेस्ट रखा गया:- पीड़ित कृष्ण चंद के मुताबिक 7 जनवरी की शाम से 8 जनवरी की शाम तक ठग लगातार फोन और वीडियो कॉल के जरिए उनकी निगरानी करते रहे। इस दौरान उन्हें खून डराया गया, धमकाया गया। मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। जैसे ही आरोपियों के खाते में रुपए पहुंचे, वीडियो और वॉइस कॉल काट दी गई। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की:- उधर, दंपती की ओर से शिकायत मिलते ही चंडीगढ़ सेक्टर-17 साइबर सेल ने एफआईआर दर्ज कर ली है। साथ ही मामले में कृष्ण चंद के बैंक आदि से संपर्क कर खातों को फ्रीज कराया, ताकि धनराशि को होल्ड किया जा सके। साइबर सेल प्रभारी का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

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