CGMSC घोटाले के मुख्य आरोपी और मोक्षित कॉर्पोरेशन के संचालक शशांक चौपड़ा से ईडी (Enforcement Directorate) पूछताछ करने वाली है। शशांक फिलहाल जेल में बंद हैं और विशेष कोर्ट में गुरुवार (15 जनवरी) को पेश करके ईडी उन्हें रिमांड पर लेगी। जानकारी के अनुसार, शशांक चौपड़ा CGMSC घोटाले का मास्टरमाइंड माना जाता है। इस दौरान ED वित्तीय लेनदेन की बारीकी से पूछताछ कर सकती है। वहीं, 22 जनवरी तक शशांक की कस्टोडियल रिमांड कोर्ट से भी मांगी जाएगी। वित्तीय लेनदेन की होगी जांच कोर्ट से रिमांड मिलने के बाद ED के अधिकारी शशांक चोपड़ा से घोटाले से जुड़े सभी महत्वपूर्ण सवालों की पूछताछ करेगी। इस दौरान ईडी घोटाले में शामिल अन्य आंकड़ों, वित्तीय लेनदेन और मोक्षित कॉर्पोरेशन के संचालन के तरीकों की भी जांच करेगी। पूछताछ के बाद जांच का दायरा बढ़ाएगी ED विशेष कोर्ट में पेश करने के बाद शशांक चौपड़ा को ईडी रिमांड पर लेकर आरोपों से जुड़े विस्तृत बयान दर्ज करेगी। ईडी अधिकारियों का कहना है कि शशांक से पूछताछ के बाद घोटाले में अन्य सहयोगियों और फाइनेंशियल चैनलों की जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। मोक्षित कार्पोरेशन के संचालक है चोपड़ा कारोबारी शशांक चोपड़ा मोक्षित कार्पोरेशन के संचालक है। चोपड़ा के ऊपर दवा-मशीन सप्लाई करके घोटाले करने का आरोप है। उनके खिलाफ विभिन्न आर्थिक अपराधों की जांच जारी है। ईडी की इस पूछताछ से उम्मीद है कि CGMSC घोटाले की परतें खुलेंगी और अन्य संबंधित आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की राह साफ होगी। अब पढ़े क्या है CGMSC घोटाला छत्तीसगढ़ CGMSC घोटाले में अधिकारियों और कारोबारियों ने सरकार को 411 करोड़ रुपए का कर्जदार बना दिया। IAS, IFS समेत अफसरों ने मिलीभगत कर सिर्फ 27 दिनों में 750 करोड़ रुपए की खरीदी कर ली। इस केस में मोक्षित कॉर्पोरेशन के डायरेक्टर शशांक चोपड़ा जेल में है। 5 लाख वाली CBS मशीन 17 लाख में खरीदी CGMSC के अधिकारी, मोक्षित कार्पोरेशन, रिकॉर्ड्स एवं मेडिकेयर सिस्टम, श्री शारदा इंडस्ट्रीज और सीबी कार्पोरेशन ने 8 रुपए में मिलने वाला EDTA ट्यूब 2,352 रुपए और 5 लाख वाली CBS मशीन 17 लाख में खरीदी। मेडिकल सर्विसेज कॉर्पोरेशन ने 300 करोड़ रुपए के रीजेंट भी खरीदा।


