जिला कांग्रेस कमेटी की गुरुवार को पार्टी कार्यालय में अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में मनरेगा के स्वरूप में बदलाव और संगठन की मजबूती को लेकर मंथन किया गया। जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह बामनिया ने केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार मनरेगा का नाम बदलकर आम आदमी को गुमराह कर रही है। यह केवल नाम बदलना नहीं, बल्कि गरीबों के अधिकारों पर प्रहार है। ’गरीबों की जीवन रेखा है मनरेगा’ जिलाध्यक्ष बामनिया ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने इस योजना के जरिए गांवों में रोजगार की गारंटी दी थी। अब केंद्र सरकार गरीब और मजदूरों का असल मुद्दों से ध्यान भटकाने की साजिश रच रही है। वहीं, कार्यकारी अध्यक्ष अब्दुल गफ्फार ने चेतावनी दी कि मनरेगा के मूल स्वरूप से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विधायक नानालाल निनामा ने कहा कि इस फैसले से ग्रामीण क्षेत्रों में भारी असंतोष है, यदि फैसला नहीं बदला तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। पंचायत और निकाय चुनाव के लिए फूंका बिगुल बैठक में आगामी पंचायत और निकाय चुनावों को लेकर विशेष रणनीति बनाई गई। जिलाध्यक्ष ने साफ संदेश दिया कि संगठन में पदों पर बैठे सभी पदाधिकारी आपसी मतभेद भुलाकर एकजुट हों। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाएं, ताकि आगामी चुनावों में विजय पताका फहराई जा सके। सभा को वरिष्ठ नेता कृष्णपाल सिंह सिसोदिया ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन पार्टी प्रवक्ता एडवोकेट इमरान खान पठान ने किया और आभार नगर अध्यक्ष धर्मेंद्र तेली ने जताया। बैठक में ये रहे मौजूद इस दौरान केशवचंद्र निनामा, राकेश सेठिया, आशीष मेहता, रितेश जैन, शैलेंद्र वोरा, मनीष त्रिवेदी, ज्ञानेंद्र त्रिपाठी, संजय जैन, लता निनामा, सुभाष निनामा, अमजद हुसैन, अर्जुन पाटीदार सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


