नाबालिग से शोषण के आरोपी को 20 साल की जेल:रॉन्ग-नंबर से बातचीत, फिर हुई दोस्ती, आरोपी ने अलग-अलग गांवों में कई बार किया दुष्कर्म

कोंडागांव में रॉन्ग नंबर से शुरू हुई बातचीत को दोस्ती में बदलकर नाबालिग लड़की को बहला-फुसलाकर ले जाने और बार-बार दैहिक शोषण के मामले में स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने आरोपी को सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी को दोषी पाते हुए कुल 20 वर्ष के सश्रम कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है। क्या है पूरा मामला मामला 2023 का है। पीड़िता के मोबाइल पर एक रॉन्ग नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम दुलबो बघेल (27 साल) बताया और धीरे-धीरे बातचीत करके दोस्ती कर ली। दो महीने बाद जब पीड़िता के गांव में मेला लगा, आरोपी भी वहां आया और फोन कर पीड़िता को मेला से बाहर बुलाया। फिर उसने बहाना बनाकर उसे अपनी मोटरसाइकिल पर बैठाकर ग्राम मंगनार ले गया। अलग-अलग गांवों में ले जाकर किया लगातार शोषण अभियोजन के अनुसार, आरोपी ने पीड़िता को ग्राम मंगनार में अपने दोस्त के घर लगभग 5–6 दिनों तक एक कमरे में रखा और इस दौरान उसके साथ लगातार शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद आरोपी पीड़िता को ग्राम बिंजोली ले गया, जहां 10–15 दिनों तक रखा और उसने पीड़िता के मना करने के बावजूद जबरन दुष्कर्म किया। इसके बाद आरोपी पीड़िता को ग्राम लावागांव ले गया और लगभग एक सप्ताह तक वहां रखा। यहां भी उसने पीड़िता की इच्छा के विरुद्ध शारीरिक संबंध बनाए। आगे आरोपी उसे अपने दोस्त के गांव ग्राम खोमार ले गया, जहां एक सप्ताह तक रखकर लगातार उसका शोषण करता रहा। पीड़िता नाबालिग थी कोर्ट में पीड़िता के जन्म प्रमाण पत्र, स्कूल रजिस्टर और मार्कशीट पेश किए गए। इन्हें स्कूल की शिक्षिका ने प्रमाणित किया। कोर्ट ने पीड़िता की जन्मतिथि 28 जनवरी 2008 मानते हुए घटना के समय उसे नाबालिग माना। मामला कैसे दर्ज हुआ पीड़िता के पिता ने 14 मई 2024 को थाना अनंतपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी बेटी मेला देखने गई थी, लेकिन घर वापस नहीं लौटी। रिपोर्ट के आधार पर धारा 363 भादवि के तहत मामला दर्ज किया गया। पीड़िता की बयान पर केस दर्ज पुलिस ने पीड़िता को बरामद किया और उसका बयान दर्ज किया। इसके आधार पर आरोपी के खिलाफ धारा 366, 376(2)(ढ) और पॉक्सो एक्ट धारा 6 के तहत केस दर्ज किया गया। जांच पूरी कर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपी को सुनाई 20 साल की सजा कोर्ट ने आरोपी को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई: – धारा 376(2)(ढ) भादवि और पॉक्सो एक्ट धारा 6 – 20 साल जेल + 1000 रुपए जुर्माना – धारा 366(क) भादवि – 10 साल जेल + 1000 रुपए जुर्माना – धारा 363 भादवि – 5 साल जेल + 1000 रुपए जुर्माना यदि जुर्माना न चुकाया गया, तो इसे अतिरिक्त 6 माह, 2 माह और 4 माह जेल में बदल दिया जाएगा।

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