विक्की कुमार | अमृतसर प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत गरीबों तक पहुंचने वाला गेहूं जिला फूड एंड सिविल सप्लाई विभाग में ही रास्ता भटकता नजर आ रहा है। योजना के नाम पर गेहूं डिस्ट्रीब्यूशन में जिस तरह के आंकड़े सामने आए हैं, उसने पूरे सिस्टम को कटघरे में खड़ा कर दिया है। सवाल उठता है कि जब गोदामों से गेहूं उठाने के लिए गेट पास जारी कर दिए गए और डिपो होल्डरों ने उसे रिसीव ही नहीं किया तो फिर हजारों क्विंटल गेहूं आखिर गया कहां? यह एक बार की चूक नहीं, बल्कि हर बार यही पैटर्न है। विभाग की ओर से अक्तूबर से दिसंबर 2025 में अलग-अलग इलाकों के लिए 2341.90 क्विंटल गेहूं के गेट पास जारी किए गए लेकिन गेहूं न तो डिपो होल्डरों ने उठाया और न ही लोगों में बांटा गया। गेहूं के बारे में विभाग पूरी तरह चुप्पी साधे हुए है। अगर पिछले आंकड़ों को देखा जाए तो स्थिति और भी गंभीर है। जनवरी 2024 से दिसंबर 2025 तक के रिकॉर्ड मुताबिक करीब 3158 क्विंटल गेहूं के गेट पास तो जारी कर दिए गए, लेकिन गेहूं लाभार्थियों तक पहुंचा ही नहीं। डिपो होल्डरों ने रिसीव नहीं किया, इसके बावजूद न तो गेट पास रद्द किए गए और न ही किसी तरह की जवाबदेही तय की गई। ^अभी तीन चार दिन ही हुए है कि चार्ज लिया है, क्योंकि दूसरे डीएफएससी छुट्टी पर है। वह चेक करेंगे कि क्या गड़बड़ी है। आपके माध्यम से ही मुझे इसकी जानकारी आई है और यह आंकड़े शेयर कर दें तो इसकी जांच करवाउंगा। कहीं भी कोई गड़बड़ी पाई जाती है तो बनती कार्रवाई जरूर की जाएगी। – जतिन वर्मा, डीएफएससी अक्टूबर-दिसंबर 2025 के वितरण आंकड़े भी विभाग की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हैं। इस तिमाही में सिर्फ 86.77 प्रतिशत गेहूं ही वितरित हो सका। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना का सारा गेहूं केंद्र सरकार की ओर से दिया जाता है और पंजाब सरकार के फूड एंड सिविल सप्लाई विभाग की ओर से बांटा जाता है। हैरानी की बात है कि जब अंतिम दिन होते है तो विभाग के अधिकारी धड़ाधड़ गेट पास जारी कर देते हैं ताकि बाद में गेहूं डिपो होल्डर खुद ही वितरित कर दे। जंडियाला गुरु में भी 31 दिसंबर को 8 गेट पास काट दिए गए। जबकि गेहूं बांटने की लास्ट डेट 31 दिसंबर 2025 थी, ऐसे में विभाग के अधिकारी की ओर से लास्ट डेट में गेट पास क्यों और कैसे काट दिए गए। इसमें किसी नियम को नहीं देखा गया। साफ है कि अगर 31 को अंतिम तारीख थी तो गेहूं कब बांटा जाना था। जंडियाला गुरु इलाके में 3650, 5100, 3400, 2100, 4000, 720, 1000 और 2500 के गेहूं के गेट पास जारी कर दिए गए। यह सारा गेहूं 224.7 क्विंटल गेहूं था। इसके अलावा भगतांवाला सर्किल में भी गेहूं डिस्ट्रीब्यूट करने के लिए 6 गेट पास 31 दिसंबर 2025 को काट दिए गए। अंतिम दिन होने की वजह से डिपो होल्डरों ने इन्हें रिसीव ही नहीं किया। अजनाला सर्किल में जुलाई-सितंबर 2025 में 129.8, अक्टूबर-दिसंबर 2025 में 446.29 क्विंटल , अमृतसर शहरी में जनवरी-मार्च 2024 में 48.1, जुलाई-सितंबर 2024 में 4.89, जुलाई-सितंबर 2025 में 25, अक्टूबर-दिसंबर 2025 में 379.6, अटारी में जुलाई-सितंबर 2025 में 10.95, अक्टूबर-दिसंबर 2025 में 2, भगतांवाला में जनवरी-मार्च 2024 में 40.52, अप्रैल-जून 2025 में 49.9, अक्टूबर-दिसंबर 2025 में 451.74, छेहर्टा में जनवरी-मार्च 2024 में 6.75, अप्रैल-जून 2025 में 0.4, अक्टूबर-दिसंबर 2025 में 245, चौैगावां में जुलाई-सितंबर 2025 में 35.05, अक्टूबर-दिसंबर 2025 में 90, हर्षाछीना में जुलाई-सितंबर 2025 में 75, जैंतीपुर में जुलाई-सितंबर 2025 में 5, अक्टूबर-दिसंबर 2025 में 5, जंडियाला गुरु में जुलाई-सितंबर 2025 में 20, अक्टूबर-दिसंबर 2025 में 325.25, कत्थूनंगल में जुलाई-सितंबर 2025 में 70, मजीठा में जुलाई-सितंबर 2024 में 60, जुलाई-सितंबर 2025 में 9, मेहता में अक्टूबर-दिसंबर 2025 में 16, राजासांसी में जुलाई-सितंबर 2025 में 50, अक्टूबर-दिसंबर 2025 में 19.2, तरसिक्का में अक्टूबर-दिसंबर 25 में 2.4 और वेरका सर्किल में अप्रैल-जून 2024 में 24, जुलाई-सितंबर 25 में 151.3 और अक्टूबर-दिसंबर 2025 में 359.5 क्विंटल गेहूं के गेट पास जारी किए गए जो डिपो होल्डर ने रिसीव ही नहीं किए है। आरटीआई एक्टीविस्ट विशाल जोशी का कहना है कि विभाग की कारगुजारी हमेशा से ही सवालों के घेरे में रही है। विभाग में गेहूं घोटाला कोई नहीं बात नहीं है। इससे पहले भी कई बार कई घोटाले हो चुके हैं। विभाग की ओर से इतनी बड़ी तादाद में गेहूं लोगों को न बांटना यह कहीं न कहीं घोटाले की तरफ इशारा करता है। इसकी जांच तो विजिलेंस विभाग को करनी चाहिए। अगर विजिलेंस ने इस मामले की जांच की तो कई पहलू सामने आएंगे और कई अधिकारियों की इसमें मिलीभगत भी सामने आएगी। लाभार्थियों को गेहूं नहीं मिला। उन्होंेने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और विभाग के मंत्री लाल चंद कटारू चक्क से अपील है कि इस मामले की जांच करवाएं, ताकि लोगों का हक मारने वालों को सही सजा मिल सके।


