हनुमानगढ़ में गुरुवार को संविदा व निविदा पर कार्यरत नर्सेज और पैरामेडिकल कर्मियों ने नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग को लेकर जिला मुख्यालय पर रैली निकाली। यह रैली विभिन्न मार्गों से होती हुई जिला कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां प्रदर्शन के बाद मुख्यमंत्री और चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री के नाम अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। पैरामेडिकल भर्ती संघर्ष समिति और राजस्थान नर्सेज भर्ती संघर्ष समिति के संयुक्त आह्वान पर यह प्रदर्शन किया गया। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि राज्यभर में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं को सफल बनाने में नर्सिंग ऑफिसर, लैब टेक्नीशियन, सहायक रेडियोग्राफर, ईसीजी टेक्नीशियन सहित अन्य पैरामेडिकल कैडर्स की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके बावजूद हजारों कार्मिक निविदा, संविदा, प्लेसमेंट, एनएचएम और पीपीपी जैसे माध्यमों से अल्प वेतन पर काम करने को मजबूर हैं। कम वेतन और अस्थिर सेवा शर्तों के कारण कर्मचारी मानसिक, आर्थिक और सामाजिक दबाव का सामना कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि नर्सिंग ऑफिसर के 12 हजार, एएनएम के 7 हजार और पैरामेडिकल के 4 हजार पदों पर नई नियमित भर्ती प्रक्रिया शुरू की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि भर्ती मेरिट और बोनस अंक के आधार पर कराई जाए, ताकि लंबे समय से सेवाएं दे रहे अनुभवी कर्मचारियों को प्राथमिकता मिल सके। समिति ने बताया कि पिछले बजट में पैरामेडिकल के 1500 पदों की घोषणा की गई थी, जिसे बढ़ाकर 4000 किया जाना चाहिए। समिति की ओर से लैब टेक्नीशियन के 2500, सहायक रेडियोग्राफर के 830, ईसीजी टेक्नीशियन के 250, डेंटल टेक्नीशियन के 180 और ऑप्थेल्मिक टेक्नीशियन के 240 पदों पर भी मेरिट-बोनस अंक (10, 20, 30) के आधार पर भर्ती कराने की मांग रखी गई। उनका तर्क था कि इससे अनुभवी कार्मिकों को न्याय मिलेगा और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाएं भी मजबूत होंगी। संघर्ष समिति ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो पैरामेडिकल और नर्सिंग संवर्ग लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन तेज करने के लिए मजबूर होगा।


