ब्यावर में आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए गुरुवार को जिला स्तरीय समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता जिला कलेक्टर कमल राम मीना ने की। इसमें योजना के उद्देश्यों, क्रियान्वयन प्रक्रिया और विभिन्न विभागों के बीच समन्वय पर विस्तृत चर्चा हुई। कलेक्टर मीना ने बताया कि ब्यावर जिले में एक बड़े हर्बल गार्डन का विकास किया जाएगा। इसके लिए आवश्यक भूमि जिला प्रशासन उपलब्ध कराएगा। उन्होंने आमजन से आयुर्वेद और पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को अपनाने, स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने तथा आयुष योजनाओं का फायदा उठाने की अपील की। कलेक्टर ने जोर दिया कि आयुष्मान आदर्श ग्राम योजना ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने और लोगों को प्राकृतिक व पारंपरिक उपचार पद्धतियों से जोड़ने की एक महत्वपूर्ण पहल है। आयुष विभाग के सहायक निदेशक एवं सदस्य सचिव डॉ. चेतन प्रकाश सेन ने बताया कि यह योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट भाषण के बिंदु संख्या 62.01 के तहत घोषित की गई है। इसका उद्देश्य प्रदेश की ग्राम पंचायतों को स्वास्थ्य के क्षेत्र में आदर्श मॉडल के रूप में विकसित करना है। डॉ. सेन ने जानकारी दी कि योजना के पहले चरण में प्रत्येक जिले की चयनित पांच ग्राम पंचायतों में इसे लागू किया जाएगा। यह क्रियान्वयन विभाग द्वारा संचालित आयुष्मान आरोग्य मंदिरों के माध्यम से होगा। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से सभी संबंधित ग्राम पंचायतों में योजना का विस्तार किया जाएगा। ब्यावर जिले में झुंठा, शिवपुराघाटा, धनेरिया, लाम्बिया और पाटन ग्राम पंचायतों को आयुष्मान आदर्श ग्राम के रूप में चुना गया है। बैठक में योजना के तहत निर्धारित 18 सूचकांकों पर विस्तार से चर्चा हुई। विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने, जिला स्तर से मार्गदर्शन देने, ब्लॉक और ग्राम पंचायत स्तरीय समितियों की नियमित बैठकें आयोजित करने तथा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए समग्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर ब्रह्मलाल जाट, वरिष्ठ आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी, वरिष्ठ मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी और चयनित आयुष्मान आदर्श ग्रामों के प्रभारी अधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


