नागौर में ऑपरेशन नीलकंठ के तहत नशे के बड़े कारोबार का भंडाफोड़ किया गया है। जायल पुलिस और डीएसटी टीम ने रोटू गांव में दबिश देकर 25 हजार के इनामी तस्कर और उसके साथी को पकड़ा। साथ ही 7 लाख की अफीम और स्मैक बरामद की। पुलिस ने तस्कर गोपाल विश्नोई और उसके साथी राकेश ज्याणी को गिरफ्तार किया। दोनों के कब्जे से 164.20 ग्राम अफीम और 30.720 ग्राम स्मैक मिली। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही स्कॉर्पियो कार और नशा तौलने के लिए प्रयुक्त इलेक्ट्रॉनिक कांटा भी जब्त किया। इसी कड़ी में मूण्डवा पुलिस ने भी कार्रवाई करते हुए एमडी सप्लायर गिरोह के 4 सदस्यों को दबोचा है। ऑपरेशन नीलकंठ: 5 महीने का रिपोर्ट कार्ड मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन नीलकंठ’ के तहत नागौर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। जिला पुलिस अधीक्षक मृदुल कच्छवा के नेतृत्व में पुलिस ने नशा माफियाओं के नेटवर्क को ध्वस्त करते हुए करोड़ों रुपए के नशीले पदार्थ बरामद किए हैं और 81 तस्करों को सलाखों के पीछे भेजा है। अगस्त 2025 से शुरू हुए ‘ऑपरेशन नीलकंठ’ ने अब तक नशा तस्करी की कमर तोड़ दी है। पुलिस द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 55 मामले दर्ज कर 81 तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि पुराने मामलों में वांछित 42 अपराधी भी पकड़े गए हैं। अब तक कुल 5,49,97,830 रुपये का माल बरामद किया जा चुका है। इसमें सर्वाधिक 2792 किलो डोडा पोस्त, 9.37 किलो अफीम, करीब 378 ग्राम एमडी और 209 ग्राम स्मैक शामिल है। पुलिस की इस प्रभावी मॉनिटरिंग के कारण जिले में अपराधों में 10.4 प्रतिशत और संपत्ति संबंधी अपराधों में 33.7 प्रतिशत की बड़ी कमी आई है। इस पूरे अभियान में कॉन्स्टेबल सुरेंद्र का विशेष योगदान रहा है। राजस्थान पुलिस की वर्ष 2026 की प्राथमिकताएं एसपी मृदुल कच्छावा ने प्रेस वार्ता में इस वर्ष की राजस्थान पुलिस की प्राथमिकताएं भी बताई-


