गढ़वा | झारखंड छात्र मोर्चा के जिलाध्यक्ष निशांत चतुर्वेदी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा युवाओं को संबोधित करते हुए रामायण और महाभारत को किस्से व कहानियां कहे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कहा कि रामायण और महाभारत केवल साहित्यिक रचनाएं नहीं, बल्कि करोड़ों हिंदुओं की आस्था, संस्कृति, नैतिक चेतना और जीवन-मूल्यों की आधारशिला हैं। ऐसे में इन्हें किस्से कहानियां कहकर संबोधित करना दुर्भाग्यपूर्ण और आस्थाओं का अपमान है। उन्होंने सवाल उठाया कि जो संगठन और व्यक्ति स्वयं को हिंदू धर्म का रक्षक बताते हैं, वे ऐसे बयानों पर मौन क्यों हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के समय धर्म और आस्था की बात करने वाले तथाकथित हिंदू संगठन इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं। साथ ही उन्होंने हाल ही में सार्वजनिक रूप से भगवान हनुमान को पतंग के रूप में दर्शाए जाने की घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि तब भी कथित धर्मरक्षक संगठनों की कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। उन्होंने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम राम, श्रीकृष्ण और धर्मग्रंथों का सम्मान किसी व्यक्ति, पार्टी या संगठन से बड़ा है। हिंदू धर्म किसी प्रमाण-पत्र या स्वयंभू ठेकेदारों का मोहताज नहीं है। उन्होंने कहा कि सभी तथाकथित हिंदू संगठन इस विषय पर सार्वजनिक रूप से अपना रुख स्पष्ट करना चाहिए।


