भास्कर न्यूज | लुधियाना आज का सूर्योदय शिव भक्तों के लिए विशेष आध्यात्मिक ऊर्जा लेकर आया है। पंचांग की गणना के अनुसार आज प्रदोष व्रत और मासिक शिवरात्रि का महापर्व एक ही दिन मनाया जा रहा है। महाकाल मुक्ति धाम के विख्यात विद्वान पं. करण शास्त्री के अनुसार जब ये दो महान तिथियां एक साथ आती हैं तो वह महाशिव योग निर्मित करती हैं। इस दुर्लभ संयोग में की गई आराधना न केवल साधक के वर्तमान कष्टों को हरती है, बल्कि उसके प्रारब्ध के दोषों का भी शमन करती है। आज महादेव और माता पार्वती की संयुक्त पूजा से भक्तों को आर्थिक, शारीरिक और मानसिक संकटों से मुक्ति मिलेगी। पं. करण शास्त्री ने बताया कि त्रयोदशी तिथि यानी प्रदोष व्रत भगवान शिव को अति प्रिय है। मान्यता है कि संध्या के समय जिसे प्रदोष काल कहा जाता है भगवान शिव कैलाश पर्वत पर प्रसन्नचित्त होकर नृत्य करते हैं। आज शाम के समय शिवलिंग पर शुद्ध जल, गाय का कच्चा दूध और बेलपत्र अर्पित करने से असाध्य रोगों से मुक्ति मिलती है और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। जो लोग आज निर्जला या फलाहार व्रत रखकर शिव की उपासना करेंगे, उनके जीवन में स्थिरता और शांति का आगमन निश्चित है। प्रदोष के साथ आज कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी होने से मासिक शिवरात्रि का भी पावन अवसर है। यह व्रत युवाओं के लिए मानसिक एकाग्रता और परिवार के लिए सौभाग्य प्रदान करने वाला है। श्रद्धालुओं के लिए पूजा पद्धति बताते हुए पं. शास्त्री ने कहा कि सुबह स्नान के बाद पंचोपचार विधि से पूजन करें और शाम को सूर्यास्त के समय दीपदान अवश्य करें।


