भास्कर न्यूज | अमृतसर गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी के 50वें दीक्षांत समारोह में पहुंची राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने पंजाब में बढ़ती नशाखोरी पर चिंता जताई। राष्ट्रपति ने कहा कि नशे का सबसे ज्यादा असर युवाओं पर पड़ रहा है। यूथ को नशे से बचाने के लिए विश्वविद्यालयों और शिक्षण संस्थानों की अहम भूमिका निभानी होगी। भटके हुए युवाओं को सही दिशा दिखाने के लिए प्रयास करने होंगे। राष्ट्रपति ने कहा कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने में आज के युवाओं की बड़ी भूमिका होगी। उच्च शिक्षण संस्थानों को रिसर्च, इनोवेशन, इंडस्ट्री-अकैडेमिया सहयोग और सामाजिक जरूरतों से जुड़े नवाचारों को बढ़ावा देना होगा। राष्ट्रपति ने यूनिवर्सिटी के गोल्डन जुबली सेंटर फॉर एंटरप्रेन्योरशिप एंड इनोवेशन के प्रयासों की भी सराहना की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि गुरु नानक देव जी की शिक्षा “नाम जपो, किरत करो और वंड छको’ आज भी पूरे समाज के लिए मार्गदर्शक हैं। इन मूल्यों को जीवन में अपनाकर सामाजिक असमानताओं और समस्याओं का समाधान किया जा सकता है। राष्ट्रपति ने कहा कि गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, गुरु नानक देव जी के विचारों और मूल्यों के अनुरूप शिक्षा की ज्योति जला रही है। दीक्षांत समारोह में बड़ी संख्या में छात्राओं को डिग्री और पदक मिलना महिला सशक्तिकरण की दिशा में सकारात्मक संकेत है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के अवसर मिलना समाज और राष्ट्र दोनों के हित में है। दीक्षांत समारोह को छात्रों के जीवन का अहम पड़ाव बताते हुए राष्ट्रपति ने पदक और उपाधि पाने वाले विद्यार्थियों को बधाई दी और उनके माता-पिता व शिक्षकों के योगदान को भी सराहा। अपने अंत में राष्ट्रपति ने युवाओं से आग्रह किया कि वैज्ञानिक सोच, जिम्मेदारी और निस्वार्थ सेवा भाव के साथ काम करें, ताकि भारत को एक न्यायपूर्ण, समावेशी और प्रगतिशील राष्ट्र के रूप में मजबूत किया जा सके। जीएनडीयू के वीसी प्रो. कर्मजीत सिंह ने राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को श्री दरबार साहिब का मॉडल देकर सम्मानित किया। राष्ट्रपति ने 17 स्टूडेंट्स को मेडल देकर सम्मानित किया। इनमें से सिर्फ एक लड़का था, जबकि बाकी सभी लड़कियां थी। राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि यूनिवर्सिटी अब तक करीब 16 लाख ग्रेजुएट, 13 लाख पोस्ट ग्रेजुएट और 3900 पीएचडी होल्डर तैयार कर चुकी है, जो देश और विदेश में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि यूनिवर्सिटी की नींव देश के पहले राष्ट्रपति वीवी गिरी ने रखी थी और 50वें दीक्षांत समारोह में मौजूदा राष्ट्रपति की मौजूदगी एक ऐतिहासिक पल है। राज्यपाल ने कहा कि आज पूरा देश खुश हुआ है क्योंकि यहां डिग्रियां हासिल करने वाली सबसे ज्यादा लड़कियां है। हमारी बेटियां किसी से कम नहीं है। यहां से पढ़लिखकर कई अफसर लगे और कइयों ने सेना में जाकर अपना शौैर्य दिखाया। उन्होंने कहा कि शिक्षा का केंद्र सेवा का स्थान है, जहां मनुष्य को तैयार किया जाता है। उसे सही और गलत बताया जाता है। गुरु नानक देव जी के नाम से बनी यूनिवर्सिटी उनके संदेश पर काम कर रही है। यूनिवर्सिटी स्टूडेंट्स को सेवा और मानवता में ढालने के प्रयास कर रही है। उन्होंने पंजाब में शिक्षा के लिए किए जा रहे शिक्षामंत्री हरजोत सिंह बैंस के प्रयासों की भी सराहना की। वहीं ऑनरेरी डॉक्टरेट डिग्री से सम्मानित हुए राज्यसभा सदस्य विक्रमजीत सिंह साहनी की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि साहनी ने रिहैबिलिटेशन सेंटर में युवाओं को नशा छुड़वाया है। 60 हजार के करीब युवाओं को नशा छुड़वाकर उन्हें नौैकरियां दी, जोकि सराहनीय है। स्टूडेंट को डिग्री देतीं राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू।


