जालंधर| माघ मास के उपलक्ष्य में प्राचीन मंदिर बाबा यशरथ राय जी श्री बालाजी धाम थापरां मोहल्ला में भक्तों ने हवन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता धाम के मुख्य सेवादार गौरव थापर ने की। उन्होंने कहा कि संतों की शरण से जगत भी सुधरता है और अगत भी। तन और मन की पवित्रता से जगत सुखी बनेगा। उन्होंने कहा कि तन सुखी रहता है पवित्र अन्न से, यानी ऐसा अन्न जो आपने हक हलाल की कमाई से कमाया हो। पवित्र अन्न ही मन को पवित्र रखता है। जिसका जगत सुखी हो जाता है उसका अगत स्वत: ही बन जाता है। इंसान के लिए पहला सुख निरोगी काया है। दस सुखों में स्वस्थ जीवन को प्रमुखता दी गई है। जिसकी काया निरोगी है निर्विघ्न भक्ति भी वही कर सकता है। पहला सुख निरोगी काया ही आपको जीवन का सबसे जरूरी कार्य परमात्मा की भक्ति का आनंद दे सकता है। जिस परमात्मा को आप बहुत दूर मानते हो वो तो आपके अपने अंतर में है। अंत में सभी ने देवी -देवताओं की भव्य आरती के दर्शन करके आशीर्वाद प्राप्त किया।


