भास्कर संवाददाता | विदिशा मकर संक्रांति का पर्व गुरुवार को पूरे जिले में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह 5 बजे से बेतवा नदी के विभिन्न घाटों पर पवित्र स्नान शुरू हो गया था। दोपहर 1 बजे तक सबसे ज्यादा भीड़ रही। इस दौरान 10 हजार से ज्यादा श्रद्धालु डुबकी लगा चुके थे। श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे। होमगार्ड की प्लाटून कमांडर रश्मि दुबे ने बताया कि बेतवा के घाटों पर 78 जवान तैनात किए गए थे। इनकी ड्यूटी एक दिन पहले से ही लगा दी गई थी। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए गोताखोर भी घाटों पर मौजूद रहे। पूरे जिले में कहीं कोई दुर्घटना नहीं हुई। विदिशा के अलावा गंजबासौदा, कुरवाई सहित कई शहरों में भी सुबह से ही स्नान शुरू हो गया था। यह सिलसिला शाम तक चलता रहा। कड़ाके की ठंड के बावजूद श्रद्धालुओं की भीड़ लगातार घाटों पर बनी रही। बड़वाले घाट, चरण तीर्थ घाट, बहरा बाबा घाट, हनुमान घाट और बाढ़ वाले गणेश मंदिर घाट पर सबसे ज्यादा भीड़ रही। सुबह 9 बजे के बाद घाटों पर भीड़ और बढ़ गई। जरूरतमंदों को खिचड़ी, तिल, गुड़, कपड़े और अनाज का दान श्रद्धालुओं ने स्नान के साथ दान-पुण्य भी किया। जरूरतमंदों को पैसे, खिचड़ी, तिल, गुड़, कपड़े और अनाज का दान किया गया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मकर संक्रांति के दिन पवित्र नदी में स्नान और दान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। इस वर्ष यह पर्व 15 जनवरी को मनाया गया। इसी दिन सूर्य मकर राशि में प्रवेश कर उत्तरायण होते हैं। इसे देवताओं का काल माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन स्नान और दान करने से पापों का प्रायश्चित होता है। शुभ मुहूर्त में किया गया दान और स्नान अधिक पुण्यदायी होता है।


