नवोदय स्कूल से गए दो छात्र 27 घंटे बाद मिले:छिंदवाड़ा में स्टूडेंट ने लिखा था- मरने नहीं जा रहे, आ जाएंगे; रैगिंग का आरोप

छिंदवाड़ा में जवाहर नवोदय विद्यालय के दो छात्र सीनियर छात्रों पर रैगिंग का आरोप लगाकर स्कूल से भाग गए। दोनों छात्र कक्षा 10वीं के हैं। छात्र बॉयज हॉस्टल के पास बनी बाउंड्रीवॉल कूदकर बाहर निकलते दिखाई दिए, जिसका वीडियो भी सामने आया है। करीब 27 घंटे बाद पुलिस ने दोनों छात्रों को सुरक्षित ढूंढ लिया। उन्होंने पुलिस को बताया कि कक्षा 10 में दोनों पर पढ़ाई का प्रेशर होने की वजह से वह भागे थे। पीछे छोड़ गए पत्र, लिखा – मरने नहीं जा रहे
छात्र स्कूल परिसर में पत्र छोड़कर गए थे। पत्र में उन्होंने लिखा था कि “मुझे ढूंढने की कोशिश मत करना, मैं भाग रहा हूं, मरने नहीं जा रहा। गुस्सा शांत होने पर खुद घर आ जाऊंगा।” पत्र में छात्रों ने आरोप लगाया कि उनके सदन के कुछ सीनियर लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। एक सीनियर का नाम लिखते हुए अन्य पर भी रैगिंग के आरोप लगाए गए हैं। छात्रों ने बताया कि मानसिक तनाव काफी बढ़ गया था।पत्र में यह भी उल्लेख है कि रविवार को धमकाकर 1 हजार रुपए मांगे गए, बदले में एक छात्र से अपना नाम बताकर पीएटी टीचर से फोन मांगने को कहा गया। अभिभावकों ने लगाए स्कूल प्रशासन पर आरोप
छात्रों के लापता होने की जानकारी मिलते ही अभिभावक गुरुवार को स्कूल पहुंचे। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चों को लगातार रैगिंग झेलनी पड़ रही थी, इसी से परेशान होकर उन्होंने यह कदम उठाया। लापरवाही के आरोप, SIT गठित
घटना की सूचना पर अमरवाड़ा एसडीएम हेमकरण धुर्वे और सिंगोड़ी चौकी पुलिस मौके पर पहुंची। जांच में सामने आया कि छात्र स्कूल की दीवार कूदकर बाहर निकले, लेकिन काफी देर तक स्कूल प्रशासन को इसकी जानकारी नहीं हुई, जिससे लापरवाही के आरोप लगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए छिंदवाड़ा एसपी अजय पांडे के निर्देश पर एसडीओपी अमरवाड़ा और थाना प्रभारी अमरवाड़ा के नेतृत्व में विशेष जांच टीम (SIT) गठित की गई। साथ ही सीमावर्ती थानों को अलर्ट कर तलाश कराई गई। बच्चों के मिलने से पहले एसपी ने दिया था बयान
छात्रों के मिलने से पहले एसपी आशीष खरे ने कहा था कि “पुलिस की टीमें लगातार प्रयास कर रही हैं, छात्रों को जल्द से जल्द सुरक्षित ढूंढ लिया जाएगा।” पढ़ाई के प्रेशर में नरसिंहपुर चले गए
पुलिस द्वारा ढूंढे जाने के बाद छात्रों ने बताया कि वे पढ़ाई के दबाव के कारण नरसिंहपुर चले गए थे। उन्होंने कहा कि वे भागकर घर जाना चाहते थे, लेकिन डांट से बचने के लिए घर न जाने का प्लान बनाया।फिलहाल दोनों छात्र सुरक्षित हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और रैगिंग के आरोपों की भी पड़ताल की जा रही है।

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