अनूपपुर जिले के जैतहरी वन परिक्षेत्र के धनगवां जंगल में पिछले 24 दिनों से रह रहे तीन हाथियों का एक समूह गुरुवार को जंगल से बाहर निकलकर जैतहरी नगर परिषद क्षेत्र में प्रवेश कर गया। हाथियों के नगर में प्रवेश की सूचना मिलते ही वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे। वन अमले और ग्रामीणों ने मिलकर हाथियों को भगाने का प्रयास किया। हाथी कुसुमहाई, पटौरा, टकहुली से होते हुए लहरपुर पहुंचे और जैतहरी-वेंकटनगर मुख्य मार्ग पार कर नगर परिषद जैतहरी के वार्ड क्रमांक 1, 2 और 3 (लाइनपार मोहल्ला) में घुस गए। फसलों और सब्जियों को पहुंचाया नुकसान नगरीय क्षेत्र में हाथियों ने खेतों में लगी फसलों और सब्जियों को नुकसान पहुंचाया। वे धान मंडी के पास भी पहुंचे, लेकिन वहां बड़ी संख्या में ग्रामीणों के एकत्रित होने और शोर मचाने के कारण धान को नुकसान पहुंचाए बिना आगे बढ़ गए। पूरी रात हाथियों के भय से ग्रामीण और नगरीय क्षेत्र के लोग जागते रहे। अब हाथियों का झुंड मुख्य मार्ग पार कर लहरपुर से ग्राम पंचायत पचौहा के पाठबाबा जंगल की ओर चला गया है। ग्रामीणों को सचेत और सतर्क रहने के लिए अलर्ट वन परिक्षेत्र अधिकारी विवेक मिश्रा, परिक्षेत्र सहायक गिरारी कुंवर सिंह सोर्ठे, वन्यजीव संरक्षक शशिधर अग्रवाल, गश्ती दल के वनरक्षक, सुरक्षा श्रमिक और हाथी मित्र दल के सदस्य पूरी रात हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं। वन विभाग की टीम लगातार वाहन से ग्रामीण जनों को सचेत और सतर्क रहने के लिए अलर्ट कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि पिछले 24 दिनों से जैतहरी के जंगल में हाथियों के समूह के रहने के बावजूद अब तक कोई अप्रिय घटना नहीं हुई है।


