जालंधर में साइबर ठगी का शिकार पीएनबी रिटायर्ड मैनेजर:फर्जी क्रेडिट कार्ड के नाम पर 11.68 लाख उड़ाए, पीड़ित साइबर सेल में की शिकायक

जालंधर में साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां पीएनबी से रिटायर्ड मैनेजर को ठगों ने फर्जी क्रेडिट कार्ड ऑफर के जरिए अपना शिकार बना लिया। फेसबुक विज्ञापन और फर्जी बैंक कॉल के जाल में फंसाकर ठगों ने उनके बैंक खातों से करीब 11.68 लाख रुपए की रकम निकाल ली। महानगर में साइबर ठगी की घटनाएं लगातार बढ़ती जा रही हैं। साइबर अपराधी अब न केवल आम लोगों, बल्कि बैंकिंग सिस्टम की अच्छी जानकारी रखने वाले रिटायर्ड अधिकारियों को भी निशाना बना रहे हैं ऐसा ही एक मामला जैन कॉलोनी रोज पार्क इलाके में सामने आया है। यहां पीएनबी से बतौर मैनेजर रिटायर्ड हुए रविंदर जैन साइबर ठगी का शिकार हो गए। ठगों ने उन्हें पीएनबी एक्स-एम्पलाई क्रेडिट कार्ड का झांसा दिया। पीड़ित के नाती ने साइबर सेल मे की शिकायत पीड़ित के नाती संयम जैन ने साइबर सेल को दी शिकायत में बताया कि उनके नाना फरीदाबाद से जालंधर उनके पास रहने आए हुए थे। 15 सितंबर 2025 को रविंदर जैन ने फेसबुक पर एक विज्ञापन देखा, जिसमें पीएनबी एक्स-एम्पलाई क्रेडिट कार्ड को लाइफटाइम फ्री, अनलिमिटेड एयरपोर्ट लाउंज एक्सेस और बेस्ट ऑफर्स के साथ दिखाया गया था। खुद पीएनबी से रिटायर्ड होने के कारण उन्होंने विज्ञापन पर भरोसा कर ‘अप्लाई नाउ’ पर क्लिक कर दिया। ठगों ने मोबाइल फोन हैंग किया इसके तुरंत बाद मोबाइल नंबर 81000-53524 से उनके पास कॉल आई। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को बैंक प्रतिनिधि बताते हुए खाते की जानकारी मांगी और क्रेडिट कार्ड लिंक करने की प्रक्रिया शुरू करवाई। इसके बाद ठगों ने वॉट्सऐप नंबर 62899-44324 से ‘पीएनबी पीएफ वेरिफिकेशन’ नाम की एक एपीके फाइल भेजी। जैसे ही पीड़ित ने उस फाइल पर क्लिक किया, उनका मोबाइल फोन कुछ समय के लिए हैक हो गया। फोन हैक होते ही ठगों ने रिमोट एक्सेस लेकर उनके बैंक खातों और निजी जानकारियां हासिल कर लीं। जब फोन दोबारा चालू हुआ, तो ठगों ने उन्हें बातों में उलझाए रखा और कार्ड जल्द घर पहुंचने का भरोसा दिलाते रहे। ठगों ने सेविंग अकाउंट से निकाले पैसे इसी दौरान ठगों ने उनके बैंक खातों को खाली करना शुरू कर दिया। 16 सितंबर को जब पीड़ित ने खाते चेक किए, तो पता चला कि सेविंग अकाउंट से पैसे निकाले जा चुके हैं। इतना ही नहीं, ठगों ने फिक्स्ड डिपॉजिट के खिलाफ ओवरड्राफ्ट लोन भी ले लिया। एफडी से 6 लाख रुपए का लोन लेकर खाते में जमा किया गया और तुरंत निकाल लिया गया। इसके बाद बचत खाते से 2.40 लाख रुपए नेफ्ट के जरिए ट्रांसफर किए गए। अंत में आरटीजीएस और ओवरड्राफ्ट अकाउंट के जरिए करीब 4 लाख रुपए और निकाल लिए गए। कुल मिलाकर ठगों ने पीड़ित को 11,68,100 रुपए की चपत लगा दी। पीड़ित परिवार ने मामले की शिकायत साइबर सेल में दर्ज करवाई है और पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।

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