सीकर में बुधवार को हुए भीषण सड़क हादसे में फतेहपुर के एक ही परिवार की सात महिलाओं की मौत हो गई थी। गुरुवार को दो महिलाओं का अंतिम संस्कार कर दिया गया था। शुक्रवार को एक साथ 5 अर्थियां उठी, जिनको चिताओं को एक साथ अग्नि दी गई। अंतिम संस्कार में शामिल होकर वापस लौट रही थीं यह हादसा तब हुआ जब वे एक अंतिम संस्कार में शामिल होकर लौट रही थीं। जानकारी के अनुसार, ललित सैनी की मां मोहिनी देवी की ननद का निधन हो गया था। उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए परिवार के सदस्य गए थे। परिवार की आठ महिलाएं एक ही कार में सवार थीं वापस लौटते समय परिवार की आठ महिलाएं एक ही अर्टिगा कार में सवार थीं। इनमें मोहिनी देवी (80), उनकी पत्नी तुलसी (45), दो भाभियां चंदा देवी (55) पत्नी सुरेंद्र और बरखा देवी पत्नी ओमप्रकाश, बहन इंद्रा (60), संतोष (45) पत्नी सत्यनारायण माली, चाची आशा (60) पत्नी मुरारी लाल और सुरेंद्र की बेटी सोनू शामिल थीं। पुरुषों का एक अन्य वाहन पीछे चल रहा था। ट्रक से हुई आमने-सामने टक्कर हरसावा से करीब एक किलोमीटर पहले, सभी ने एक ढाबे पर चाय पी थी। वहां से निकलने के बाद, महिलाओं से भरी कार एक पिकअप से टकराकर अनियंत्रित हो गई और सामने से आ रहे ट्रक में जा घुसी। पीछे वाली कार में परिवार के पुरुष सवार थे ललित सैनी ने बताया- जिस कार में महिलाएं सवार थीं, उसके पीछे उनके परिवार की एक और गाड़ी चल रही थी, जिसमें वह खुद मौजूद थे। उनकी गाड़ी और दुर्घटनाग्रस्त कार के बीच लगभग एक किलोमीटर का फासला था। हादसे के लगभग 50 सेकंड बाद ही वे घटनास्थल पर पहुंच गए। वहां का मंजर भयावह था। शव चारों ओर बिखरे पड़े थे और कुछ गाड़ी के अंदर फंसे हुए थे। ट्रक से टक्कर की तेज आवाज सुनकर आस-पास के लोग भी मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से शवों को बाहर निकाला गया स्थानीय लोगों की मदद से शवों को बाहर निकाला गया और अस्पताल भेजा गया। सभी घायलों को फतेहपुर के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया। वहां मोहिनी, चंदा, तुलसी, इंद्रा, संतोष और आशा को मृत घोषित कर दिया गया। ड्राइवर वसीम, सोनू और बरखा को सीकर रेफर किया गया। सीकर में बरखा ने भी दम तोड़ दिया, जिससे मृतकों की संख्या सात हो गई। सोनू और वसीम का इलाज अभी सीकर जिला अस्पताल में जारी है। हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें: युवक ने कार से निकाले मां, पत्नी, बहन-भाभियों के शव:ओवरटेक करते हुए आगे निकले थे, गाड़ी में जगह नहीं होने से बची छोटे भाई की पत्नी


