डूंगरपुर में राष्ट्रीय आयुष मिशन के तहत आयुर्वेद विभाग द्वारा धंबोला में दस दिवसीय निशुल्क क्षारसूत्र शल्य चिकित्सा शिविर का शुक्रवार को शुभारंभ हुआ। सीमलवाड़ा प्रधान कारीलाल ननोमा ने इसका उद्घाटन किया। शिविर के पहले ही दिन 42 मरीजों को भर्ती किया गया, जबकि 100 से अधिक मरीजों को ओपीडी में इलाज का फायदा मिला। यह शिविर आयुष्मान आरोग्य मंदिर (आयुष) एवं स्वतंत्रता सेनानी मंसुखराम पंड्या राजकीय आयुर्वेद अस्पताल, धंबोला में आयोजित किया जा रहा है। उद्घाटन के अवसर पर आयुर्वेद विभाग डूंगरपुर के उपनिदेशक डॉ. बद्री नारायण मीणा और शिविर प्रभारी डॉ. अभय मालीवाड़ भी मौजूद थे। आयुर्वेद विभाग डूंगरपुर के उपनिदेशक डॉ. बद्री नारायण मीणा ने बताया कि राष्ट्रीय आयुष मिशन और आयुष्मान आरोग्य मंदिर योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में निशुल्क आयुर्वेदिक उपचार, पंचकर्म, क्षारसूत्र, अग्निकर्म और औषधि वितरण जैसी सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन शिविरों के माध्यम से आमजन को विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उन्नत आयुर्वेदिक चिकित्सा का फायदा मिल रहा है। शिविर प्रभारी एवं संभागीय समन्वयक डॉ. अभयसिंह मालीवाड़ ने जानकारी दी कि पहले दिन अर्श और भगंदर रोग के लिए 42 मरीजों को भर्ती किया गया। इसके अतिरिक्त, पंचकर्म के 20, अग्निकर्म के 10 और ओपीडी में विभिन्न रोगों के 97 मरीजों को आयुर्वेदिक औषधियों से उपचार प्रदान किया गया।
मुख्य मेहमान कारीलाल ननोमा ने कहा कि राज्य सरकार आयुष और आयुर्वेद को जन-जन तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने आयुर्वेद को एक प्राचीन और प्रभावी चिकित्सा पद्धति बताया, जो बिना किसी दुष्प्रभाव के स्थायी परिणाम देती है। ननोमा ने क्षेत्रवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शिविर का फायदा उठाने का आह्वान किया।


