अलवर की एडीजे कोर्ट संख्या–3 की न्यायाधीश जज ज्योति सोनी ने चार साल पुराने सनसनीखेज हत्याकांड में आरोपी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास (अंतिम सांस तक जेल) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपी पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सरकारी वकील अजीत यादव ने बताया कि 12 अप्रैल 2022 को परिवादी सीताराम यादव ने सदर थाना अलवर में अपने साले के लड़के दीपक यादव की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। दीपक पिछले करीब 10 वर्षों से लिवारी गांव में सीताराम यादव के पास रहकर पढ़ाई कर रहा था। मामले की जांच के दौरान सदर थाना पुलिस ने लिवारी गांव निवासी परमजीत को संदेह के आधार पर पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी परमजीत ने पुलिस के सामने हत्या की पूरी वारदात कबूल कर ली। आरोपी ने बताया कि दीपक यादव से उसका किसी लड़की से बातचीत को लेकर विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते 12 अप्रैल 2022 को उसने दीपक को अपने घर बुलाया और डंडे से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को बोरे में भरकर बाइक से पहाड़ी क्षेत्र में ले गया, जहां शव पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। जब शव पूरी तरह नहीं जला तो आरोपी ने शव के टुकड़े कर दिए और उन्हें पहाड़ी क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर फेंक दिया, जहां पहले से मरे हुए पशुओं के कंकाल पड़े थे। पुलिस मौके पर पहुंची और शव के बिखरे हुए टुकड़े एकत्र किए। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी परमजीत के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया। अभियोजन पक्ष की ओर से 27 गवाह और 77 दस्तावेज कोर्ट में पेश किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने आरोपी को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। मृतक दीपक यादव मूल रूप से नांगल रूपा गांव का निवासी था और अपने फूफा के घर लिवारी गांव में रहकर पढ़ाई कर रहा था


