राजसमंद जिले में शिक्षा सुधार की दिशा में एनआरआई ज्योति कोठारी ने एक और कदम बढ़ाया। जिले के भील आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में स्थित दो सरकारी प्राथमिक स्कूलों को गोद लेकर उन्होंने बुनियादी और आधुनिक शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध कराए। ऑस्ट्रिया में रहते हुए चेरिटी कार्यक्रमों से जुटाई गई राशि से स्कूलों का चयन, सामग्री उपलब्ध कराने और बच्चों की पढ़ाई में सहयोग किया गया। राजसमंद की बेटी ज्योति कोठारी वर्तमान में ऑस्ट्रिया में निवास करती हैं। वे वहां भारतीय व्यंजन तैयार कर चेरिटी कार्यक्रम आयोजित करती हैं। इन कार्यक्रमों से होने वाली पूरी आय भारत आकर सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की शिक्षा पर खर्च की जाती है। हर साल चयन कर स्कूलों को किया जाता है सहयोग ज्योति कोठारी प्रत्येक साल एक बार राजसमंद आती हैं। इस दौरान वे ऐसे सरकारी स्कूलों का चयन करती हैं, जहां पढ़ाई के लिए आवश्यक सामग्री और आधुनिक संसाधनों की कमी होती है। अब तक वे 20 सरकारी स्कूलों को गोद लेकर उन्हें साधन सम्पन्न बना चुकी हैं। स्कूल गोद लेने के बाद ये सुविधाएं उपलब्ध स्कूल को गोद लेने के बाद रंग-रोगन कराया जाता है। बच्चों के लिए संपूर्ण पाठ्य सामग्री, आधुनिक शिक्षण उपकरण और खेल सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। जरूरतमंद और होनहार स्टूडेंट्स को छात्रवृत्ति भी दी जाती है। इन दो स्कूलों को लिया गोद आज ज्योति कोठारी ने राजकीय प्राथमिक स्कूल धानेला और राजकीय प्राथमिक स्कूल उपली वेर को गोद लिया। दोनों स्कूल भील आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में स्थित हैं। धानेला स्कूल में हुआ कार्यक्रम धानेला स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में स्कूली बच्चे, अभिभावक और ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम में ज्योति कोठारी के पिता गुण सागर कर्णावट, ऑस्ट्रिया से जेरी और उलास्ता राहुलकोवा, डॉ महेन्द्र कर्णावट, दोनों स्कूलों की प्रधानाध्यापिकाएं और स्टाफ शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन दिनेश श्रीमाली ने किया।


