पन्ना जिले में आदिवासी महिलाओं की पैतृक जमीन धोखाधड़ी से हड़पने के आरोप में पुलिस ने कांग्रेस के पूर्व प्रदेश महामंत्री श्रीकांत उर्फ पप्पू दीक्षित को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस मामले में ‘फर्जी भाई’ बनाकर करोड़ों की जमीन अपने नाम कराने का खुलासा हुआ है। यह मामला तहसील शाहनगर के ग्राम तखोरी से संबंधित है। फरियादिया संतोष रानी ने पिछले साल सितंबर में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनके पिता के निधन और माता के नेत्रहीन होने का फायदा उठाकर कुछ लोगों ने उनकी पैतृक जमीन हड़प ली है। ऐसे किया फर्जीवाड़ा पुलिस के अनुसार, पप्पू दीक्षित और उनके साथी अनुपम त्रिपाठी ने राजाराम नामक व्यक्ति को फर्जी तरीके से संतोष रानी और उनकी बहनों का भाई और उनके मृत पिता का इकलौता वारिस बताया। इसके बाद राजाराम को 35 हजार रुपए देकर ग्राम मनौर स्थित खसरा नंबर 148/4 (रकबा 2 हेक्टेयर) जमीन का विक्रय पत्र श्रीकांत दीक्षित और अनुपम त्रिपाठी के नाम करा लिया गया। अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) पन्ना की जांच रिपोर्ट में यह फर्जीवाड़ा साबित हुआ। एसडीएम की रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि पड़ोसियों और रिश्तेदारों के बयानों से यह पुष्टि हुई कि मृतक का कोई बेटा नहीं था। पटवारी द्वारा की गई प्रविष्टियां भी अवैध और फर्जी पाई गईं। एक गिरफ्तार, दो की तलाश कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए श्रीकांत दीक्षित को गिरफ्तार किया। उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस मामले के दो अन्य सह-आरोपियों, अनुपम त्रिपाठी (निवासी इंद्रपुरी कॉलोनी, पन्ना) और राजाराम (निवासी जैतुपुरा) की तलाश कर रही है। एएसपी बोलीं- दोषी को बख्शा नहीं जाएगा एडिशनल एसपी वंदना सिंह चौहान ने बताया, आदिवासी महिलाओं के साथ हुए इस अन्याय में संलिप्त किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। मुख्य आरोपी को जेल भेजा जा चुका है, शेष आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं।


