सीकर में प्रस्तावित रिंग रोड को लेकर विरोध शुरु हो गया है। नवलगढ़ रोड से फतेहपुर रोड को जोड़ने वाली साढ़े 6 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित रिंग रोड को लेकर किसानों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरु कर दिया है। आज 5वें दिन धरने पर बैठे किसानों का आरोप है कि प्रशासन ने निर्धारित जगह की बजाय दूसरी जगह भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी है, जिससे किसानों की उपजाऊ जमीन प्रभावित हो रही है। मास्टर प्लान-2031 के नक्शे में रिंग रोड की स्थिति स्पष्ट रूप से दिखाया गया है। इसमें भादवासी और भैरूंपुरा अंडरपास के पास रिंग रोड प्रस्तावित है। वहीं, नवलगढ़ रोड पर सीकर से 6 किलोमीटर तथा बीकानेर रोड पर सीकर से 5 किलोमीटर की दूरी पर पक्का चौराहा प्रस्तावित है। इसके बावजूद सीकर यूआईटी ने 100-200 मीटर उत्तर दिशा में भूमि अधिग्रहण शुरु किया है, जो मास्टर प्लान से अलग है। किसानों ने आरोप लगाया है कि करीब 200 फीट जमीन की हेराफेरी की गई है और ये सब कुछ लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। किसानों का कहना है कि हेराफेरी के साथ ही अधिग्रहण से पहले उचित मुआवजा और पुनर्वास की प्रक्रिया पूरी नहीं की गई। विकास के नाम पर किसानों की जमीन छीनना गलत है। जमीन अधिग्रहण करने से पहले किसानों को उचित मुआवजा और पुनर्वास करने की मांग की जा रही है। धरने में बैठे लोगों ने नारेबाजी की और भूमि अवाप्ति को लेकर विरोध जताया। धरने में लक्ष्मण सिंह भामू, एडवोकेट अजीतपाल मील, मदन सिंह फगेड़िया, हरदयाल ढाका, विद्याधर, आशीष, विक्रम, राजेंद्र काजला, हनुमान सिंह, रामावतार, महावीर, फूलाराम जाट और पन्ने सिंह आदि मौजूद थे।


