अगर सब कुछ योजना अनुसार रहा, तो अगले एक वर्ष में बैतूल जिले को बड़े सिंचाई प्रोजेक्ट की सौगात मिल सकती है। ताप्ती नदी पर प्रस्तावित ढेंकना वृहद सिंचाई परियोजना लगभग 4039 करोड़ रुपए की लागत से बनाई जाएगी। इस परियोजना से 60 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई हो सकेगी। सिंचाई विभाग के कार्यपालन यंत्री रोशनकुमार सिंह के मुताबिक इस परियोजना की सबसे खास बात यह है कि इसमें बैलेंसिंग रिजर्वेयर का निर्माण किया जाएगा। इसके तहत करीब 10 किलोमीटर लंबी पाइपलाइन के माध्यम से एक बांध से 170 एमसीएम (मिलियन क्यूबिक मीटर) पानी पहाड़ियों के बीच बनाए जाने वाले रिजर्वेयर तक पहुंचाया जाएगा। जबकि मूल बांध में 100 एमसीएम पानी संग्रहित होगा। सिंचाई विभाग द्वारा परियोजना का डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) तैयार कर लिया गया है, जिसका परीक्षण जारी है। विभाग को उम्मीद है कि अगले वित्तीय सत्र में परियोजना के लिए फंड स्वीकृत हो सकता है। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकार संयुक्त रूप से राशि उपलब्ध कराएंगी। 500 हेक्टेयर क्षेत्र में पानी एकत्र होगा
ढेंकना में प्रस्तावित बांध की ऊंचाई 32 मीटर और लंबाई 600 मीटर होगी। इस बांध से 10 किमी लंबी पाइपलाइन के जरिए पानी महतपुर तक पहुंचाया जाएगा, जहां बनने वाले बैलेंसिंग रिजर्वेयर में 170 एमसीएम बरसात का वेस्टेज जल एकत्र होगा। महतपुर में पहाड़ियों की खुदाई कर यह रिजर्वेयर तैयार किया जाएगा, जिसमें लगभग 500 हेक्टेयर क्षेत्र में पानी एकत्र होगा। इस पानी से न केवल बैतूल बल्कि बुरहानपुर और खंडवा जिलों के साथ-साथ पड़ोसी महाराष्ट्र को भी जल उपलब्ध कराया जा सकेगा। परियोजना से लगभग 140 गांवों को लाभ मिलने की संभावना है। सबसे बड़ा सिंचाई प्रोजेक्ट होगा
हालांकि, परियोजना के लिए लगभग 2000 हेक्टेयर डूब क्षेत्र बन सकता है, जिसमें 800 हेक्टेयर वन क्षेत्र शामिल होगा। इस कारण चार वन ग्रामों का विस्थापन भी प्रस्तावित है। वर्तमान में यह प्रस्ताव परीक्षण के लिए विभाग के उच्चाधिकारियों और राज्य शासन को भेजा गया है। अनुमोदन मिलने के बाद यह जिले का अब तक का सबसे बड़ा सिंचाई प्रोजेक्ट होगा। इस परियोजना में बैलेंसिंग रिजर्वेयर जैसा नया कॉन्सेप्ट शामिल किया जा रहा है, जो इसे और अधिक प्रभावी बनाएगा।


