जबलपुर आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) की टीम ने शिक्षा जगत में घोटाला करने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 6 अशासकीय स्कूल संचालकों सहित 10 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। EOW ने शुरुआती जांच में पाया कि स्कूल संचालकों ने शिक्षा विभाग में पदस्थ अधिकारियों के साथ मिलकर 26 लाख 50 हजार रुपए की हेराफेरी की। जबलपुर निवासी विजयकांति पटेल ने ईओडब्ल्यू में शिकायत करते हुए बताया कि गरीब एवं कमजोर वर्ग के छात्रों की फीस की राशि नोडल अधिकारियों ने निजी स्कूलों के साथ मिलकर हड़प ली है, जबकि इस राशि से बच्चों को शिक्षा और स्कूल में प्रवेश दिया जाना था। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ के एसपी अनिल विश्वकर्मा के निर्देश पर जब टीम ने जांच की तो बड़ा खुलासा हुआ। जांच में सामने आया कि गरीबी रेखा के नीचे एवं कमजोर वर्ग के बच्चों के लिए शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत प्राइवेट स्कूलों में 25 प्रतिशत बच्चों को निशुल्क प्रवेश दिए जाने का प्रावधान किया गया है। एक ही छात्र का दो–तीन बार एडमिशन दिखाकर 26.50 लाख की हेराफेरी शहर के छह स्कूल संचालकों ने एक ही छात्र को दो से तीन बार एडमिशन दर्शाकर जिला शिक्षा केंद्र, जबलपुर से इस योजना में शासन द्वारा प्रदान की जाने वाली छात्रों की फीस राशि का भुगतान करवा लिया। शिकायत में यह भी पाया गया कि जबलपुर जिले में 466 प्राइवेट स्कूलों को गरीबी रेखा के नीचे रहने वाले परिवारों के बच्चों के लिए साल 2011 से 2016 के बीच कुल 3 करोड़ 27 लाख 83 हजार 521 रुपए का भुगतान शासन की ओर से किया गया। शहर के छह स्कूल, स्मिता चिल्ड्रन एकेडमी, आदर्श ज्ञान सागर, गुरु पब्लिक स्कूल, उस्मानिया मिडिल स्कूल और सेंट अब्राहम स्कूल के द्वारा 628 छात्रों का फर्जी एडमिशन अपने स्कूलों में दर्शाकर 26 लाख 50 हजार रुपए की फीस हड़प ली गई। सभी छह स्कूलों के संचालकों ने शिक्षा विभाग द्वारा नियुक्त नोडल अधिकारियों के साथ षड्यंत्र रचकर गरीब एवं कमजोर वर्ग के बच्चों की फीस राशि का गबन किया और शासन को आर्थिक नुकसान पहुंचाया। कमजोर वर्ग के छात्रों की फीस में गबन, एफआईआर दर्ज वर्ष 2011 से 2016 के दौरान पदस्थ शिक्षा विभाग के नोडल अधिकारियों द्वारा इन निजी स्कूलों में शिक्षा प्राप्त कर रहे कमजोर वर्ग के बच्चों के एडमिशन का वास्तविक सत्यापन नहीं किया गया और स्कूल संचालकों के साथ षड्यंत्र करते हुए पद का दुरुपयोग भी किया गया। ईओडब्ल्यू ने स्मिता चिल्ड्रन एकेडमी के संचालक मनीष असाटी, आदर्श ज्ञान सागर की संचालक नसरीन बेगम, गुरु पब्लिक स्कूल के संचालक मोहम्मद तौसीफ, उस्मानिया मिडिल स्कूल के संचालक मोहम्मद शमीम, सेंट अब्राहम स्कूल के संचालक मोहम्मद शफीक और जिला शिक्षा केंद्र के तत्कालीन नोडल अधिकारी चंदा कोष्ठा, गुलनिगार खानम, अख्तर बेगम अंसारी, राजेंद्र बुधेलिया, डी.के. मेहरा एवं अन्य के विरुद्ध धारा 409, 420 और 120-बी के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


