भास्कर न्यूज |गिरिडीह मुख्यमंत्री स्वच्छ विद्यालय पुरस्कार एवं स्वच्छ एवं हरित विद्यालय रेटिंग के अंतर्गत जिले के आठ विद्यालयों का चयन उनकी उत्कृष्ट स्वच्छता व्यवस्था, जल संरक्षण एवं पर्यावरण अनुकूल पहलों के आधार पर किया गया है। राज्य स्तरीय समिति की 8 जनवरी को आयोजित बैठक में इन विद्यालयों को राज्य स्तर के पुरस्कार हेतु चयनित किया गया है। चयनित सभी विद्यालयों को फाइव स्टार श्रेणी में रखा गया है।जिला शिक्षा पदाधिकारी मो. वसीम अहमद ने बताया कि राज्य सरकार की प्राथमिकताओं के अनुरूप इन विद्यालयों को “मॉडल स्कूल” के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि वे पूरे राज्य के लिए प्रेरणास्रोत बन सकें। उन्होंने निर्देश दिया कि चयनित विद्यालयों में पेयजल, शौचालय एवं हाथ धोने की सुविधाएं सदैव क्रियाशील रहें तथा स्वच्छता से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं का नियमित रख-रखाव सुनिश्चित किया जाए। सफाई के लिए आवश्यक सामग्री जैसे फिनाइल, झाड़ू, साबुन आदि की उपलब्धता अनिवार्य होगी। विद्यालयों में बच्चों और शिक्षकों के बीच स्वच्छता संबंधी आदतों के विकास, स्वच्छता संदेशों के प्रदर्शन, बाल संसद की सक्रिय भूमिका, इको क्लब की सक्रियता एवं ‘मिशन स्पर्श’ गतिविधियों के संचालन पर विशेष जोर दिया गया है। किशोरियों के लिए सैनिटरी नैपकिन की उपलब्धता, सुरक्षित निपटान हेतु इंसिनरेटर, एमएचएम लैब, आपदा प्रबंधन योजना तथा अग्नि सुरक्षा उपकरणों की व्यवस्था सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। इसके साथ ही वर्षा जल संचयन प्रणाली, ग्रे-वाटर के पुनः उपयोग, ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन (कम्पोस्ट पिट), सौर ऊर्जा एवं पोषण वाटिका को भी सुदृढ़ किया जाएगा। विद्यालयों में वॉटर ऑडिट, एनर्जी ऑडिट एवं वेस्ट ऑडिट कराया जाएगा। जिला स्तर पर पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अभियंताओं के माध्यम से जल गुणवत्ता की नियमित जांच सुनिश्चित होगी। सभी आवश्यक दस्तावेजों एवं गतिविधियों का साक्ष्य संधारित करने तथा स्वच्छता कार्य योजना तैयार करने का निर्देश दिया।


